सईद पठान की रिपोर्ट
मिशन संदेश संतकबीरनगर। नाथनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत देवकली खुर्द में शुक्रवार को आयोजित सोशल ऑडिट ग्राम सभा, गांव के विकास और जनभागीदारी की मिसाल बन गई। बैठक का नेतृत्व बीआरपी संतोष कुमार पांडेय ने किया, जिसमें पारदर्शिता, सहभागिता और जवाबदेही को केंद्र में रखते हुए वर्ष 2024-25 में मनरेगा के अंतर्गत कराए गए सभी कार्यों का ब्योरा ग्रामीणों के सामने प्रस्तुत किया गया।
सोशल ऑडिट के दौरान प्रत्येक योजना और कार्य का विवरण—कार्य का स्थान, लागत, अवधि और लाभार्थियों की संख्या—खुलकर बताया गया। विशेष रूप से यह रेखांकित किया गया कि सरकारी धन का सही और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के लिए जनता की निगरानी सबसे प्रभावी तरीका है। ग्रामवासियों ने न केवल ध्यानपूर्वक विवरण सुना, बल्कि अपनी सहमति जताने के लिए मोहर लगाकर इस प्रक्रिया को मान्यता भी दी।
बीआरपी संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि सोशल ऑडिट केवल सरकारी प्रक्रिया भर नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का माध्यम है। जब गांव के लोग खुद विकास कार्यों का मूल्यांकन करते हैं, तो पारदर्शिता बढ़ती है और योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचता है।
ग्राम प्रधान ने भी अपने संबोधन में कहा कि विकास योजनाओं में जनता की प्रत्यक्ष भागीदारी ही गांव की प्रगति का आधार है। उनका मानना है कि यदि हर पंचायत में इस तरह से खुले मंच पर योजनाओं की समीक्षा हो, तो न तो भ्रष्टाचार की गुंजाइश बचेगी और न ही कार्यों में लापरवाही की।
यह बैठक केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि एक जागरूकता मंच बन गई, जहां ग्रामीणों ने अपने सवाल पूछे, सुझाव दिए और विकास की दिशा तय करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इससे साफ है कि जब जनता और प्रशासन एक साथ खड़े हों, तो पारदर्शिता और जवाबदेही केवल शब्द नहीं, बल्कि हकीकत बन जाती है।

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