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लोकतंत्र रक्षक सेनानी परिषद की आवाज़ : “उपेक्षा बंद हो, मिले उचित अधिकार”



लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान को लेकर परिषद ने सौंपा 10 सूत्रीय मांगपत्र

(रिपोर्ट -मोहम्मद सईद पठान)

संतकबीरनगर । कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित संगोष्ठी के दौरान लोकतंत्र रक्षक सेनानी एकता परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता ने महामहिम राष्ट्रपति तथा माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित 10 सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी संतकबीरनगर को सौंपा।

मांगपत्र में कहा गया कि लोकतंत्र सेनानी अब जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं, लेकिन देश के कई प्रदेशों में उनकी उपेक्षा हो रही है। कुछ राज्यों की सरकारें उन्हें केवल अल्प सुविधाएँ देकर टालमटोल कर रही हैं। परिषद ने ऐसे सौतेलेपन के व्यवहार को तत्काल बंद करने और लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान तथा सुविधा हेतु ठोस नीति बनाने की मांग की।

मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • लोकतंत्र सेनानियों को फ्रीडम फाइटर घोषित किया जाए।

  • चार प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित कर उनके पौत्र-पौत्रियों को नौकरी की गारंटी मिले।

  • राष्ट्रपति एवं राज्यपालों द्वारा विधान परिषदों और विधानसभाओं में सेनानियों के प्रतिनिधि नामित किए जाएं।

  • जिन सेनानियों की धर्मपत्नी नहीं है, उनके निधन के बाद दूसरे वारिस उत्तराधिकारी को भी सभी सुविधाएँ मिले।

  • लोकसभा और विधानसभा सचिवालयों में प्रवेश हेतु सेनानियों का परिचय पत्र अधिकृत पास माना जाए।

  • प्रत्येक सेनानी को तीन एकड़ कृषि योग्य भूमि, 600 वर्गमीटर आवासीय भूमि और भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए की सहायता दी जाए।

  • 80 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया जाए, जिसमें आधी राशि केंद्र और आधी राज्य सरकारें दें।

  • धार्मिक स्थलों, जिला व प्रदेश मुख्यालयों तथा केंद्र स्तर पर सेनानियों के लिए निःशुल्क आवास व्यवस्था हो।

  • रोडवेज बसों की तरह ट्रेनों में भी निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिले।

  • पिट्रोल पंप, गैस एजेंसी और आवकारी दुकानों के लाइसेंस प्राथमिकता पर दिए जाएं, ताकि परिजनों को भुखमरी से बचाया जा सके।

अध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता ने कहा कि यदि लोकतंत्र सेनानियों को उचित सम्मान और सुविधाएँ नहीं मिलेंगी, तो आने वाली युवा पीढ़ी अलोकतांत्रिक शक्तियों से संघर्ष करने की प्रेरणा कैसे लेगी।

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