Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan
गोरखपुर। कम्पोजिट रीजनल सेंटर (सीआरसी) गोरखपुर में साक्ष्य आधारित एम्प्यूटी (अंगच्छेदन) प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुनर्वास क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को आधुनिक तकनीकों, नवीनतम उपचार पद्धतियों और प्रबंधन संबंधी व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना था।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में सीआरसी पटना के प्रोस्थेटिस्ट एवं ऑर्थोटिस्ट पार्थव सारथी स्वैन ने घुटने के ऊपर अंगच्छेदन वाले मरीजों के लिए कृत्रिम अंग के सटीक आकलन, आवश्यक जांच प्रक्रियाओं तथा प्रोस्थेटिक प्रबंधन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से जानकारी दी।
दूसरे सत्र में सीआरसी गोरखपुर के फिजियोथेरेपी विभाग के लेक्चरर डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने अंगच्छेदन के विभिन्न प्रकार, उसके कारणों और संभावित जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रभावी फिजियोथेरेपी पुनर्वास प्रक्रिया को अधिक सफल और मरीज के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम के समन्वयक मंजेश कुमार ने विषय के प्रबंधन संबंधी तकनीकी पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेंद्र यादव ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।
इस ऑनलाइन सीआरई कार्यक्रम में देशभर से लगभग 100 पुनर्वास पेशेवरों ने भाग लिया और विषय विशेषज्ञों से आधुनिक पुनर्वास तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

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