Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan
संत कबीर नगर, 13 जुलाई। जनपद में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण एवं गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश ने सोमवार को मेहदावल क्षेत्र स्थित स्थायी गो-आश्रय स्थल बढ़या का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उप जिलाधिकारी मेहदावल अरुण कुमार भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने गो-आश्रय स्थल पर गोवंशों के रखरखाव, चारा, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। मौके पर कुल 325 गोवंश संरक्षित पाए गए। गोवंशों के लिए 13 कुंतल हरा चारा, 26 कुंतल दाना और 15 कुंतल भूसा उपलब्ध मिला। संबंधित एनजीओ के प्रतिनिधियों ने बताया कि अतिरिक्त व्यवस्था के तहत लगभग 200 कुंतल भूसा हरपुर गांव स्थित भंडार में सुरक्षित रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपलब्ध कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान बरसात के कारण गो-आश्रय स्थल के कुछ हिस्सों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। इस पर अपर जिलाधिकारी ने संबंधित एनजीओ को तत्काल मिट्टी डलवाकर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि गोवंशों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान तीन गोवंश बीमार पाए गए, जिनका उपचार पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया जा रहा था। एडीएम ने पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी गोवंशों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए तथा बीमार पशुओं का समयबद्ध उपचार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि गो-आश्रय स्थल पर चारा, पानी, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। साथ ही बरसात के मौसम को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जाए, जिससे गोवंशों के संरक्षण एवं स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गो-आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम तत्काल उठाने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गो-आश्रय स्थलों की नियमित निगरानी जारी रहेगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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