(News Source NOI, Edited by-Mohammad Sayeed)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने लंबे समय से बंद पड़े सहकारी प्रशिक्षण केंद्रों को पुनः संचालित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे.पी.एस. राठौर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के साथ-साथ प्रशिक्षण केंद्रों के पुनरोद्धार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके तहत वाराणसी, अयोध्या, मेरठ, महोबा और इटावा के सहकारी प्रशिक्षण केंद्रों के लिए करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सहकारी बैंक और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना आवश्यक है। पूर्व में कुप्रबंधन के कारण कई सहकारी प्रशिक्षण केंद्र बंद हो गए थे और उनके भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गए थे। अब इन केंद्रों का पुनर्निर्माण एवं आधुनिकीकरण कर उन्हें फिर से संचालित किया जाएगा।
शासन ने सहकारी प्रशिक्षण केंद्र वाराणसी के लिए ₹4.71 करोड़, अयोध्या के लिए ₹7.81 करोड़, मेरठ के लिए ₹3.93 करोड़, महोबा के लिए ₹1.61 करोड़ तथा इटावा के लिए ₹5.19 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इन केंद्रों के पुनरोद्धार के बाद यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
जे.पी.एस. राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्र में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद देशभर में सहकारिता क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। ऐसे में इस क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए दक्ष एवं प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता है। पुनः संचालित होने वाले इन प्रशिक्षण केंद्रों में सहकारी नेतृत्व विकास, व्यवसाय प्रबंधन तथा सहकारिता से जुड़े विभिन्न डिप्लोमा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन केंद्रों के शुरू होने से न केवल सहकारिता संस्थाओं को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का यह कदम सहकारिता आंदोलन को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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