(Report and edit by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर । आज की उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) जनपद संतकबीरनगर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता के बीच शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व जिलाधिकारी आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परीक्षा समाप्त होने तक प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा और सभी केंद्रों पर सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था प्रभावी बनी रही।
परीक्षा शुरू होने से पहले दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा कक्षों की तैयारियों तथा व्यवस्थापन का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने, अभ्यर्थियों के लिए सुगम एवं व्यवस्थित प्रवेश सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों पर सतर्क निगरानी रखने तथा परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न होने देने के निर्देश दिए।
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए सघन निगरानी व्यवस्था लागू रही। सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जनपदीय कंट्रोल रूम तथा डायल-112 को लगातार अलर्ट मोड पर रखा गया, जिससे प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग के चलते परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि परीक्षा ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों ने इन निर्देशों का पालन करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, जिससे परीक्षा प्रक्रिया व्यवस्थित और पारदर्शी बनी रही।
समीक्षात्मक दृष्टि से देखा जाए तो प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने में पूर्व तैयारियों और सतत निगरानी की अहम भूमिका होती है। परीक्षा प्रारंभ होने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और स्पष्ट निर्देश प्रशासन की गंभीरता को दर्शाते हैं। यदि इसी प्रकार पारदर्शिता, तकनीकी निगरानी और जवाबदेही का मॉडल लगातार अपनाया जाता है, तो नकल और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है तथा अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास और मजबूत होगा।

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