संतकबीरनगर। महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत संतकबीरनगर पुलिस ने जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान महिला एवं बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी उपायों, उनके अधिकारों और आपात स्थिति में उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम चौपाल आयोजित कर स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए समस्याओं के विधिपूर्ण समाधान के लिए जागरूक किया गया।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में संचालित इस अभियान में एंटी रोमियो टीमों, महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों को सार्वजनिक स्थानों, बाजारों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय किया गया। अभियान का उद्देश्य केवल महिलाओं को हेल्पलाइन नंबर बताने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्हें किसी भी तरह के उत्पीड़न या अन्याय की स्थिति में चुप न रहने और उपलब्ध कानूनी एवं सहायता तंत्र का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना रहा।
अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं, बालिकाओं और स्कूली छात्राओं को पम्पलेट वितरित किए गए। पुलिस टीमों ने महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की। ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल के माध्यम से महिलाओं को अपनी समस्याएं खुलकर रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
अभियान के दौरान 1090 महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा, 108 चिकित्सा सहायता, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 1930 साइबर हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध की शिकायत के लिए cybercrime.gov.in पोर्टल के उपयोग के बारे में भी बताया गया।
पुलिस के अनुसार, अभियान के तहत थाना कोतवाली खलीलाबाद की टीम ने बनियाबारी और धराइची, महिला थाना टीम ने बघौली और बनकटिया, थाना धनघटा ने मदार और चपरा पूर्वी, थाना महुली ने कड़सरा, थाना मेंहदावल ने सांथा चौराहा, थाना बखिरा ने परसोहिया, थाना बेलहरकला ने कटया तथा थाना धर्मसिंहवा की टीम ने छिबरा और गोरीराय में महिलाओं, बालिकाओं एवं छात्राओं को जागरूक किया।
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ग्राम चौपाल रहा, जहां महिला बीट अधिकारियों और मिशन शक्ति टीमों ने स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया। चौपाल के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, सुरक्षा उपायों और सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। उन्हें यह संदेश भी दिया गया कि किसी समस्या या अन्याय की स्थिति में वे निडर होकर अपनी बात संबंधित अधिकारियों के सामने रखें।
हालांकि, किसी भी जागरूकता अभियान की सफलता केवल कार्यक्रम आयोजित करने या पम्पलेट बांटने से तय नहीं होती। इसकी वास्तविक उपयोगिता तब सामने आती है, जब जरूरत पड़ने पर महिलाएं हेल्पलाइन का इस्तेमाल कर सकें, शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई हो और उन्हें कानून तथा सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले। इसलिए मिशन शक्ति जैसे अभियानों के सामने जागरूकता के साथ-साथ शिकायतों की सुनवाई, कार्रवाई की गति और पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध सहायता की निरंतरता भी महत्वपूर्ण कसौटी रहती है।
संतकबीरनगर में विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाए गए इस अभियान ने कम से कम इतना प्रयास जरूर किया कि महिला सुरक्षा से जुड़े संसाधनों और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी ग्रामीण एवं सार्वजनिक क्षेत्रों तक पहुंचाई जाए। अब इसकी प्रभावशीलता इस बात से आंकी जाएगी कि जागरूकता के बाद कितनी महिलाएं अपने अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र का इस्तेमाल करने के लिए आगे आती हैं और उनकी शिकायतों का समाधान किस स्तर तक सुनिश्चित किया जाता है।
मिशन शक्ति 5.0 के तहत चलाया जा रहा यह अभियान महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता और संवाद का एक प्रयास है, जिसकी स्थायी सफलता के लिए जागरूकता के साथ जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है।



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