Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। दुर्गापूजा, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और दशहरा पर्व को लेकर बखिरा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। पर्व के दौरान भीड़, विसर्जन जुलूस, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल और संवेदनशील स्थानों पर संभावित विवाद जैसी परिस्थितियों को देखते हुए थाना परिसर में ग्राम चौकीदारों के साथ बैठक कर उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में 04 अक्टूबर 2026 को आयोजित बैठक की अध्यक्षता थानाध्यक्ष बखिरा दिलीप कुमार सिंह ने की। बैठक में ग्राम चौकीदारों को केवल पर्व से जुड़ी व्यवस्थाओं पर नजर रखने के बजाय स्थानीय स्तर पर मिलने वाली महत्वपूर्ण सूचनाओं को तत्काल पुलिस तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी समझाई गई।
पुलिस के निर्देशों के अनुसार ग्राम चौकीदार अपने-अपने गांवों में स्थापित होने वाली दुर्गा प्रतिमाओं, पूजा स्थलों, आयोजन समितियों और प्रतिमा विसर्जन से संबंधित तैयारियों की जानकारी पहले से जुटाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि पुलिस को अंतिम समय में किसी आयोजन या विसर्जन मार्ग की जानकारी मिलने के बजाय पहले से आवश्यक सुरक्षा प्रबंध करने का अवसर मिल सके।
बिजली के तारों के नीचे प्रतिमा स्थापना से बचने की हिदायत
बैठक में सुरक्षा के ऐसे पहलू पर भी जोर दिया गया, जो अक्सर धार्मिक आयोजनों के दौरान नजरअंदाज हो जाता है। ग्राम चौकीदारों को निर्देश दिया गया कि वे आयोजन समितियों को जागरूक करें कि दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना विद्युत लाइनों अथवा तारों के नीचे न की जाए। आयोजन स्थल पर पर्याप्त बालू और पानी की व्यवस्था रखने के लिए भी कहा गया, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में तत्काल बचाव की कार्रवाई की जा सके।
यह निर्देश केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आयोजन से जुड़े लोगों की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बिजली, आग और अन्य आकस्मिक घटनाओं की आशंका को पहले से पहचानना किसी भी बड़े आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जाता है।
नशे में उपद्रव करने वालों पर रहेगी नजर
पुलिस ने पर्व के दौरान नशे का सेवन कर सार्वजनिक आयोजनों में पहुंचने वाले लोगों को लेकर भी ग्राम चौकीदारों को सतर्क रहने को कहा है। आयोजन समितियों और स्थानीय लोगों के संपर्क में रहकर ऐसे व्यक्तियों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं, जिनसे विवाद या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो।
इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों, संभावित विवाद वाले क्षेत्रों, प्रतिमा स्थापना स्थलों और विसर्जन मार्गों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी संदिग्ध गतिविधि, विवाद, अफवाह या असामाजिक तत्वों की सक्रियता की सूचना मिलने पर उसे तत्काल पुलिस तक पहुंचाने को कहा गया है।
डीजे की आवाज पर भी पुलिस की नजर
पर्व के दौरान धार्मिक उत्सव के साथ ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा भी सामने आता है। बैठक में आयोजन समितियों को डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल निर्धारित नियमों और अनुमति के अनुरूप करने की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। पुलिस के अनुसार डीजे की ध्वनि 70 डेसीबल से कम रखने के लिए भी आयोजकों को जागरूक किया जाएगा।
यहां चुनौती केवल नियम बताने की नहीं, बल्कि उनके पालन की निगरानी की भी होगी। खासकर जुलूस और विसर्जन के दौरान बढ़ती भीड़ एवं उत्साह के बीच ध्वनि सीमा और अन्य निर्धारित शर्तों का पालन कराना पुलिस-प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
अफवाहों से निपटना भी पुलिस की प्राथमिकता
बैठक में ग्राम चौकीदारों को अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी सूचना को सत्यापन के बिना आगे प्रसारित न करने की हिदायत दी गई। पर्व के दौरान सोशल मीडिया या मौखिक माध्यम से फैलने वाली अपुष्ट सूचनाएं कई बार सामान्य स्थिति को तनावपूर्ण बना सकती हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर सूचना के सत्यापन और पुलिस तक त्वरित पहुंच की व्यवस्था कानून-व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है।
ग्राम चौकीदारों को पुलिस के “आंख-कान” के रूप में सक्रिय रहते हुए अपने क्षेत्रों से महत्वपूर्ण सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान करने को कहा गया। इससे पुलिस को संभावित विवाद या अप्रिय घटना से पहले स्थिति को समझने और आवश्यकता के अनुसार निरोधात्मक अथवा वैधानिक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
असली परीक्षा पर्व के दौरान होगी
बखिरा पुलिस की बैठक से यह स्पष्ट है कि आगामी पर्वों को लेकर स्थानीय स्तर पर सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजन स्थलों की जानकारी, विसर्जन मार्गों की निगरानी, नशे में उपद्रव करने वालों पर नजर, विद्युत सुरक्षा, ध्वनि सीमा और अफवाहों पर नियंत्रण जैसे बिंदुओं को इसमें शामिल किया गया है।
हालांकि किसी भी सुरक्षा बैठक की वास्तविक सफलता उसके निर्देशों से नहीं, बल्कि मैदान में उनके प्रभावी क्रियान्वयन से तय होती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ग्राम चौकीदारों के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं पर पुलिस कितनी तेजी से प्रतिक्रिया करती है और पर्व के दौरान नियमों का पालन किस स्तर तक सुनिश्चित कराया जाता है।
फिलहाल बखिरा पुलिस ने दुर्गापूजा, प्रतिमा विसर्जन और दशहरा पर्व के मद्देनजर स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय करते हुए शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की तैयारी तेज कर दी है। पुलिस की कोशिश है कि उत्सव का माहौल बना रहे, लेकिन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता न हो।

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