Review Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संत कबीर नगर,। बाबा तामेश्वरनाथ धाम को पर्यटन विकास और कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की कवायद के बीच जिलाधिकारी अनुज मलिक ने मंगलवार को मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की और इसके बाद प्रस्तावित विकास योजना की प्रगति की समीक्षा की। धार्मिक स्थल के विकास से जुड़े इस प्रशासनिक दौरे में अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रस्तावित कॉरिडोर की योजना कागज से निकलकर जमीन पर किस रूप में आकार लेती है।
जिलाधिकारी ने पर्यटन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों से कॉरिडोर के ले-आउट, नक्शे और अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। भूमि अधिग्रहण, आवश्यक भूमि के क्षेत्रफल, गाटों की संख्या, काश्तकारों की संख्या और भू-स्वामियों की सहमति जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। इससे स्पष्ट है कि परियोजना का सबसे संवेदनशील पक्ष केवल निर्माण नहीं, बल्कि भूमि और उससे जुड़े स्थानीय हित भी हैं।
इसी मुद्दे को लेकर मंदिर परिसर में स्थानीय राजस्व कर्मचारियों, ग्राम प्रधान और काश्तकारों के साथ बैठक हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन विकास स्थानीय निवासियों के हित में होगा और प्रभावित काश्तकारों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कॉरिडोर परियोजना में गोसाईं जी अथवा स्थानीय लोगों को किसी प्रकार का नुकसान न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
हालांकि, किसी भी विकास परियोजना में आश्वासन के साथ उसकी पारदर्शी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए कितनी भूमि वास्तव में आवश्यक है, कितने काश्तकार प्रभावित होंगे और भूमि से जुड़े मामलों का समाधान किस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, इसलिए आगे की कार्रवाई में इसका वास्तविक स्वरूप सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
निरीक्षण में मंदिर के एप्रोच मार्ग पर निर्माणाधीन नाली और सड़क की स्थिति भी सामने आई। जिलाधिकारी ने नाली का निर्माण जल्द पूरा कराने और सड़क की मरम्मत के निर्देश दिए। मंदिर परिसर में निर्माणाधीन शौचालय को पूरा कराकर ग्राम पंचायत को हैंडओवर करने के लिए भी कहा गया।
यह स्थिति एक महत्वपूर्ण पहलू की ओर ध्यान खींचती है। जब तामेश्वरनाथ धाम को बड़े पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, तब मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क, नाली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का पूरा होना भी उतना ही जरूरी है। बड़े प्रोजेक्ट की रूपरेखा के साथ मौजूदा सुविधाओं को दुरुस्त करने की जरूरत भी स्पष्ट दिखाई देती है।
प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। निरीक्षण और बैठक में जिलाधिकारी के साथ अपर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग आर.के. पाण्डेय, पर्यटन अधिकारी विकास नारायण, तहसीलदार अनुराग यादव, नायब तहसीलदार प्रेम नारायण सहित संबंधित अधिकारी, स्थानीय लेखपाल, ग्राम प्रधान, मंदिर के पुजारी और स्थानीय ग्रामीण एवं गोसाईं मौजूद रहे।
अब परियोजना की अगली तस्वीर भूमि संबंधी प्रक्रिया, स्थानीय लोगों की भागीदारी और प्रस्तावित विकास कार्यों की जमीनी प्रगति से सामने आएगी। तामेश्वरनाथ धाम के विकास की घोषणा से आगे बढ़कर वास्तविक बदलाव कब और कितना दिखाई देता है, यही इस पूरी कवायद की असली कसौटी होगी।



Post a Comment