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Santkabir Nagar News: जनगणना 2027: 32 फील्ड ट्रेनर तैयार, लेकिन क्या जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता की गारंटी भी तैयार है?

Review Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh 

संत कबीर नगर,। जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां अब प्रशिक्षण के स्तर से आगे बढ़कर फील्ड कार्य की दिशा में पहुंच रही हैं। संत कबीर नगर में सुपरवाइजर और प्रगणकों को प्रशिक्षित करने वाले फील्ड ट्रेनरों की तैयारी शुरू हो गई है। प्रभा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खलीलाबाद में चल रहे प्रथम बैच के प्रशिक्षण के दूसरे दिन कुल 32 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया।

अपर जिलाधिकारी/जिला जनगणना अधिकारी के निर्देश पर आयोजित प्रशिक्षण में जनपद के मास्टर ट्रेनर अमरेश कुमार चौधरी और अखिलेश त्रिपाठी ने सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रथम बैच का प्रशिक्षण 5 से 7 अक्टूबर तक निर्धारित है, जबकि दूसरे बैच में इन्हीं 32 फील्ड ट्रेनरों को 8 से 10 अक्टूबर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सरकारी स्तर पर यह तैयारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यही फील्ड ट्रेनर आगे सुपरवाइजर और प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे और अंततः यही कर्मचारी घर-घर जाकर जनसंख्या से संबंधित आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया को जमीन पर लागू करेंगे। केंद्र सरकार के अनुसार जनगणना-2027 के लिए देशभर में बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण व्यवस्था बनाई गई है और प्रशिक्षण का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण आंकड़े समयबद्ध तरीके से जुटाना है।

लेकिन यहीं से कुछ महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े होते हैं।

क्या प्रशिक्षण पूरा हो जाने मात्र से जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित हो जाएगी?

जनगणना का आंकड़ा केवल संख्या दर्ज करने तक सीमित नहीं है। एक छोटी सी चूक भी किसी परिवार, व्यक्ति या क्षेत्र के आंकड़ों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सवाल यह है कि फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण के दौरान केवल प्रक्रिया समझाई जा रही है या वास्तविक परिस्थितियों में आने वाली जटिलताओं से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है?

दूसरा सवाल निगरानी और जवाबदेही को लेकर है। जब 32 फील्ड ट्रेनर आगे बड़ी संख्या में सुपरवाइजर और प्रगणकों को प्रशिक्षित करेंगे, तो उनके प्रशिक्षण की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर होगी? क्या यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी प्रशिक्षार्थियों को एक जैसी और स्पष्ट जानकारी मिले, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में जनगणना की प्रक्रिया में अंतर न पैदा हो?

तीसरा सवाल ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों को लेकर भी महत्वपूर्ण है। जनगणना के दौरान ऐसे परिवार सामने आ सकते हैं जहां नाम, पता, परिवार के सदस्यों की स्थिति या अन्य विवरण दर्ज करने में व्यावहारिक कठिनाइयां हों। ऐसे मामलों में प्रगणकों को तत्काल मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था कितनी प्रभावी होगी?

जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार जनगणना-2027 के दूसरे चरण में स्व-गणना 16 से 30 नवंबर 2026 और घर-घर जनसंख्या गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक निर्धारित है। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक संशोधन चरण रखा गया है।

इस समय हो रहा प्रशिक्षण इसलिए महज एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पूरी गणना प्रक्रिया की बुनियाद है। 32 फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण कितना प्रभावी रहा, इसका वास्तविक परीक्षण तब होगा जब वे फील्ड में काम करने वाले प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करेंगे।

तहसीलदार खलीलाबाद अनुराग यादव, तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा सहित संबंधित अधिकारी प्रशिक्षण के दौरान मौजूद रहे।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या संत कबीर नगर में जनगणना की तैयारी सिर्फ प्रशिक्षण के आंकड़ों तक सीमित रहेगी, या प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि घर-घर पहुंचने वाले प्रत्येक प्रगणक द्वारा जुटाया गया आंकड़ा सटीक, पूर्ण और विश्वसनीय हो? आने वाले महीनों में इसका जवाब जनगणना के जमीनी अमल से सामने आएगा।

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