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| रिहायशी इलाके में अवैध विस्फोटक रखने के आरोप में व्यक्ति गिरफ्तार |
एडिटर मोहम्मद सईद पठान की रिपोर्ट
संतकबीरनगर। दीपावली और अन्य पर्वों के दौरान पटाखों की मांग को देखते हुए अवैध भण्डारण और बिक्री का खतरा भी बढ़ जाता है। थोड़े से मुनाफे के लालच में यदि विस्फोटक सामग्री रिहायशी इलाकों में असुरक्षित तरीके से जमा की जाए तो यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसा ही एक मामला धनघटा थाना क्षेत्र के बण्डा बाजार में सामने आया है, जहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 कुन्तल 20 किलोग्राम विभिन्न प्रकार के पटाखे बरामद किए हैं। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में अवैध पटाखों के भण्डारण एवं बिक्री के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत 5 नवम्बर 2026 को प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में भ्रमणशील थे। इसी दौरान बण्डा बाजार में राजकुमार मद्धेशिया पुत्र फेकू प्रसाद, निवासी बण्डा बाजार के कब्जे से कुल 520 किलोग्राम विभिन्न प्रकार के पटाखे बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि पटाखों का भण्डारण रिहायशी इलाके में असुरक्षित तरीके से किया गया था।
मामले में पुलिस ने मु0अ0सं0-728/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 288 तथा विस्फोटक अधिनियम की धारा 9बी में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त राजकुमार मद्धेशिया को गिरफ्तार कर लिया। बरामद पटाखों को कब्जे में लेकर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई।
*सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठते हैं अहम सवाल*
इस कार्रवाई का सबसे गंभीर पहलू पटाखों की मात्रा के साथ उनका रिहायशी क्षेत्र में कथित असुरक्षित भण्डारण है। 520 किलोग्राम पटाखे कोई सामान्य मात्रा नहीं है। यदि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री आबादी के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रखी गई थी, तो आसपास रहने वाले परिवारों, बच्चों और दुकानदारों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
ऐसे मामलों में केवल बरामदगी और गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है। यह भी जांच का विषय है कि इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे कहां से लाए गए थे, इनके भण्डारण और बिक्री के लिए आवश्यक अनुमति थी या नहीं तथा इस गतिविधि में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। साथ ही यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बाजार और रिहायशी इलाकों में इस तरह का असुरक्षित भण्डारण दोबारा न हो।
*पुलिस टीम की भूमिका*
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह के साथ कांस्टेबल महेन्द्र निषाद और कांस्टेबल जितेन्द्र यादव शामिल रहे।
संतकबीरनगर पुलिस ने आमजन की सुरक्षा का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि अवैध पटाखों के भण्डारण एवं बिक्री के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। रिहायशी क्षेत्रों में ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री का असुरक्षित भण्डारण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन की निगरानी केवल कार्रवाई के बाद सक्रिय होगी, या बाजारों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में समय रहते ऐसे खतरनाक भण्डारण की पहचान कर हादसों को रोकने के लिए नियमित जांच भी सुनिश्चित की जाएगी? जनसुरक्षा के लिहाज से यह सवाल बेहद महत्वपूर्ण है।



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