- बजहरा में भव्य समारोह, बच्चों ने प्रस्तुतियों से दिखाई सर सैयद की शैक्षिक विरासत; जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद और समाजसेवा को आगे बढ़ाने पर जोर
संत कबीर नगर,। बजहरा स्थित सर सैयद मिशन पब्लिक स्कूल में शनिवार को महान शिक्षाविद, समाज सुधारक और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की 209वीं जयंती के अवसर पर सर सैयद डे समारोह धूमधाम से मनाया गया। ‘ऑल अलीग ऑफ संत कबीर नगर डिस्ट्रिक्ट’ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, समाजसेवा और आपसी एकता का संदेश दिया गया। समारोह में जिले के अलीग, शिक्षाविद, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्कूली बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। करीब 25 बच्चों ने सर सैयद अहमद खान के जीवन, उनके शैक्षिक योगदान, समाज सुधार और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। वहीं, लगभग 100 बच्चे सर सैयद के जीवन और विचारों पर आधारित पोस्टर लेकर पहुंचे। पोस्टरों में उनकी तस्वीरें, प्रेरणादायक विचार, जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएं और शिक्षा के प्रति उनके योगदान को दर्शाया गया।
बच्चों ने प्रस्तुतियों के जरिए दिखाई सर सैयद की विरासत
बच्चों ने सर सैयद अहमद खान की जीवनी, उनकी समाजसेवा, साइंटिफिक सोसाइटी, मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि किस तरह सर सैयद ने आधुनिक शिक्षा को समाज की तरक्की का आधार बनाया और नई पीढ़ी के लिए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के रास्ते खोले।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि सर सैयद की विरासत केवल इतिहास तक सीमित नहीं है, बल्कि आज के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत है। अतिथियों ने बच्चों के उत्साह, मेहनत और रचनात्मकता की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन कुवैत में जियोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत अब्दुल्ला जहीर अलीग ने किया। उन्होंने प्रभावशाली अंदाज में कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सर सैयद के विचारों, अलीगढ़ की गौरवशाली परंपरा और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उपस्थित अतिथियों और अलीग बिरादरी के सदस्यों ने उनके संचालन की सराहना की।
समारोह का एक अन्य प्रमुख आकर्षण अब्दुल्ला जहीर के छोटे भाई मोहम्मद नोमान अली की नज़्म रही। उन्होंने सर सैयद अहमद खान और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर आधारित खूबसूरत नज़्म पेश की। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में साहित्यिक और भावनात्मक रंग भर दिया। अतिथियों ने उनकी प्रस्तुति की सराहना की।
वक्ताओं ने सर सैयद के योगदान को किया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने सर सैयद अहमद खान के जीवन, संघर्ष और आधुनिक शिक्षा के प्रसार में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सर सैयद ने शिक्षा को समाज के विकास, आत्मनिर्भरता और प्रगति का प्रभावी माध्यम बनाया। उन्होंने ऐसे समय में आधुनिक शिक्षा का आंदोलन शुरू किया, जब समाज को नई सोच और शैक्षिक जागरूकता की जरूरत थी।
वक्ताओं ने कहा कि सर सैयद का मानना था कि किसी भी समाज की तरक्की के लिए शिक्षा, तार्किक सोच और समय के साथ आगे बढ़ने की क्षमता जरूरी है। आज भी उनके विचार युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक होने और समाज की बेहतरी के लिए काम करने की प्रेरणा देते हैं।
चिकित्सा, शिक्षा और विज्ञान क्षेत्र की हस्तियों ने की शिरकत
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध सर्जन एवं पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अयूब शामिल हुए।
विशिष्ट अतिथियों में जनता की संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शफीक, एआरसी पीजी कॉलेज एंड हॉस्पिटल के निदेशक शमशेर अहमद, दिलशाद अफसर, मुमताज अहमद, गौहर अली, इरशाद सिद्दीकी और गोविंद कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विशेष आमंत्रित अतिथियों में अमेरिका के ब्राउन कैंसर सेंटर से जुड़े वैज्ञानिक इरशाद अहमद अंसारी, बस्ती के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सरफराज खान, गाजीपुर के सीडीपीओ ऐजाज अहमद सिद्दीकी और मुनई देवी सोमना देवी पीजी कॉलेज के निदेशक डी.एन. यादव शामिल हुए।
इसके अलावा एएमयू के वरिष्ठ पूर्व छात्र मुश्ताक अहमद, रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े फुजैल अहमद और अल-हुदा पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. मुनजिर बारी सहित बड़ी संख्या में अलीग बिरादरी के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
निदेशक और प्रिंसिपल ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में सर सैयद मिशन पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. अबुसाद अलीग ने सभी अतिथियों, आयोजकों, अलीग बिरादरी के सदस्यों और विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
विद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. फारुख आलम अलीग ने भी सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रसार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं।
एएमयू तराना और राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
समारोह का समापन भावपूर्ण माहौल में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पारंपरिक ‘तराना-ए-अलीग’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ। एएमयू तराने ने पूर्व छात्रों को अलीगढ़ की यादों और विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ा, जबकि राष्ट्रगान ने राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति सम्मान का संदेश दिया। इसके बाद सभी अतिथियों और प्रतिभागियों ने एक साथ दोपहर का भोजन किया।
शिक्षा और समाजसेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प
समारोह का उद्देश्य केवल सर सैयद अहमद खान की जयंती मनाना नहीं, बल्कि उनके शैक्षिक और सामाजिक मिशन को आगे बढ़ाना भी रहा। कार्यक्रम में शामिल अलीगों ने जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समाजसेवा और युवाओं को सही मार्गदर्शन देने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
आयोजन समिति में डॉ. अबुसाद अलीग, इकबाल अहमद अलीग, डॉ. फारुख आलम, इरशाद अहमद, डॉ. वसीउल्लाह अलीग, सुहेल अहमद आजाद, खुर्शीद आलम, अयाज अहमद अलीग, इरशाद अलीग और अब्दुल्लाह अलीग सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समारोह ने यह संदेश दिया कि सर सैयद अहमद खान को सच्ची श्रद्धांजलि उनके विचारों को अपनाने, शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज की बेहतरी के लिए मिलकर काम करने में है। ‘शिक्षा, एकता और प्रगति’ के संकल्प के साथ संपन्न यह आयोजन संत कबीर नगर की अलीग बिरादरी के लिए यादगार अवसर बना।

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