ब्यूरो रिपोर्ट मिशन संदेश नई दिल्ली। लोक गायिका नेहा सिंह राठौर से संबंधित एक विवादित खबर को लेकर ABP न्यूज़ का डिजिटल प्लेटफॉर्म सवालों के घेरे में आ गया है। खबर में तथ्यात्मक गलती स्वीकार करते हुए ABP नेटवर्क ने 17 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक रूप से खेद जताया और माफी मांगी। हालांकि, नेहा सिंह राठौर ने इस माफी को पर्याप्त नहीं माना और मामले को अदालत तक ले जाने की बात कही है। घटनाक्रम ने समाचार संस्थानों की तथ्य-जांच, संपादकीय जवाबदेही और महिलाओं की प्रतिष्ठा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समाचार4मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ABP नेटवर्क ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी स्पष्टीकरण में स्वीकार किया कि उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नेहा सिंह राठौर से संबंधित प्रसारित खबर तथ्यों के आधार पर गलत पाई गई। नेटवर्क ने कहा कि इस त्रुटिपूर्ण प्रसारण के लिए उसे खेद है और वह इसके लिए क्षमा मांगता है। ।
क्या था पूरा विवाद?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विवाद उस खबर को लेकर सामने आया जिसमें एक हॉस्टल में कथित सेक्स रैकेट पर पुलिस की छापेमारी का जिक्र था। आरोप है कि इस खबर के साथ नेहा सिंह राठौर का नाम और पहचान जोड़ दी गई, जबकि गायिका ने संबंधित हॉस्टल और कथित गतिविधियों से अपना कोई संबंध होने से इनकार किया।
नेहा सिंह राठौर ने इस प्रसारण पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाया कि बिना तथ्यात्मक पुष्टि के किसी व्यक्ति की पहचान को इस तरह की गंभीर खबर से कैसे जोड़ा जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग को भी टैग करते हुए मामले पर ध्यान देने की मांग की।
द लेंस की रिपोर्ट के अनुसार, जिस वीडियो को लेकर विवाद हुआ, वह कथित तौर पर पुराना था और राजस्थान के बाड़मेर से संबंधित बताया गया। हालांकि, वीडियो के मूल स्रोत और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इस दावे को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
माफी के बाद भी क्यों नाराज हैं नेहा?
ABP नेटवर्क की ओर से सार्वजनिक माफी सामने आने के बाद भी नेहा सिंह राठौर ने असंतोष जताया। समाचार ट्रैक की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के बारे में गंभीर और अपमानजनक खबर प्रसारित करने के बाद केवल माफी मांग लेना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए अदालत में मिलने की बात कही।
नेहा की आपत्ति का केंद्र उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और उस नुकसान की भरपाई है, जो उनके अनुसार इस खबर से हुआ। उनका रुख यह सवाल भी उठाता है कि यदि कोई समाचार गलत साबित होता है, तो क्या सार्वजनिक माफी ही पर्याप्त सुधार है या संबंधित व्यक्ति को अन्य कानूनी विकल्प भी अपनाने चाहिए?
मीडिया की विश्वसनीयता पर फिर उठे सवाल
यह विवाद केवल एक गायिका और समाचार संस्थान के बीच का मामला नहीं है। यह डिजिटल पत्रकारिता में तेजी से खबर प्रकाशित करने और उसकी तथ्यात्मक पुष्टि करने के बीच संतुलन की जरूरत को भी सामने लाता है। किसी व्यक्ति को गंभीर अपराध या अनैतिक गतिविधि से जोड़ने वाली खबर प्रसारित करने से पहले उसके नाम, पहचान, स्थान और उपलब्ध साक्ष्यों की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
गलत खबर बाद में हटा दी जाए या उसके लिए माफी मांग ली जाए, तब भी उसका प्रभाव सोशल मीडिया पर लंबे समय तक बना रह सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में पारदर्शी सुधार, गलती के कारणों की समीक्षा और जवाबदेही की स्पष्ट प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल, ABP नेटवर्क की ओर से तथ्यात्मक गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगने की बात प्रकाशित रिपोर्टों में सामने आई है। वहीं, नेहा सिंह राठौर ने माफी को पर्याप्त नहीं मानते हुए कानूनी कार्रवाई का संकेत दिया है। मामले में अदालत में याचिका दाखिल होने या किसी न्यायिक निर्णय की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम सवाल यही है कि क्या किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली गलत खबर के मामले में सार्वजनिक माफी पर्याप्त है, या जवाबदेही तय करने के लिए आगे की कार्रवाई भी जरूरी है? इसका उत्तर संबंधित तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और यदि मामला अदालत में जाता है, तो न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
स्रोत: समाचार4मीडिया, द लेंस और न्यूज़ ट्रैक की 17 अक्टूबर 2026 की प्रकाशित रिपोर्टें।

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