खलीलाबाद तहसील में अधिकारियों को सख्त निर्देश, शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं; फरियादियों से फीडबैक लेकर परखी गई समाधान की हकीकत
Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार, 7 नवंबर 2026 को तहसील खलीलाबाद में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अनुज मलिक एवं पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने संयुक्त रूप से फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में राजस्व एवं पुलिस विभाग से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे फरियादियों की शिकायतों को दोनों अधिकारियों ने गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों में आपसी समन्वय स्थापित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, समाधान की गुणवत्ता भी जरूरी
सम्पूर्ण समाधान दिवस की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि शिकायत लेकर पहुंचने वाले व्यक्ति को न्याय और राहत कितनी मिलती है। अक्सर शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट तो तैयार हो जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर फरियादियों की संतुष्टि को लेकर सवाल बने रहते हैं। इसी महत्वपूर्ण पहलू को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने शिकायत पंजिका का निरीक्षण किया और पूर्व में निस्तारित शिकायतों के संबंध में फरियादियों से सीधे फीडबैक प्राप्त किया।
दोनों अधिकारियों ने निस्तारण की गुणवत्ता का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान इस तरह किया जाए कि उसे दोबारा उसी शिकायत को लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण निष्पक्षता, पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा के भीतर होना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से पुलिस और राजस्व विभाग के आपसी समन्वय से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
जवाबदेही से ही सार्थक होगा जनसुनवाई का उद्देश्य
सम्पूर्ण समाधान दिवस जैसे आयोजन आम नागरिकों को प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर देते हैं, लेकिन इनकी सार्थकता तभी साबित होगी जब शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले। शिकायत पंजिका का निरीक्षण और फरियादियों से फीडबैक लेने की पहल इस दिशा में महत्वपूर्ण है।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि अधिकारियों को दिए गए निर्देशों का धरातल पर कितना प्रभाव दिखाई देता है और कितनी शिकायतों का समाधान शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के अनुरूप हो पाता है। क्योंकि सुशासन का असली पैमाना शिकायतों की संख्या नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति को मिला न्याय और राहत है।

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