संतकबीरनगर। जनपद में पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जूनियर हाईस्कूल, खलीलाबाद से जनपद स्तरीय जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में स्कूली बच्चों ने बैंड-बाजे और जागरूकता नारों के माध्यम से लोगों को पोलियो उन्मूलन अभियान में भागीदारी के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी इसमें शामिल रहे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी पर नियंत्रण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनसहभागिता और जागरूकता के कारण संभव हो सका है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि 28 जून को आयोजित बूथ दिवस पर अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रह जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने बताया कि जनपद में इस अभियान के तहत 3,11,141 लक्षित बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए नौ विकास खंडों में कुल 858 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें नगर क्षेत्र खलीलाबाद के 27 बूथ भी शामिल हैं। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 489 हाउस-टू-हाउस टीमें, 28 ट्रांजिट टीमें और 13 मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं, जो 29 जून से 3 जुलाई तक घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने अभियान के दौरान गर्मी को देखते हुए समयबद्ध बूथ संचालन तथा वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षात्मक दृष्टि से देखा जाए तो भारत पोलियो उन्मूलन की उपलब्धि हासिल कर चुका है, लेकिन वैश्विक स्तर पर पोलियो वायरस के खतरे को देखते हुए नियमित पल्स पोलियो अभियान आज भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे अभियानों की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि अंतिम छोर तक रहने वाले प्रत्येक बच्चे तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें और अभिभावक किसी भी भ्रम या लापरवाही से बचते हुए अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की व्यापक तैयारियां तभी सार्थक होंगी, जब समाज भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएगा।

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