(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर,। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने जिलेभर में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित संयुक्त टीमों ने तीनों तहसीलों में 36 खाद एवं उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर एक खाद विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि नौ प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा जांच के लिए 10 उर्वरक नमूने भी एकत्र किए गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद में खाद एवं उर्वरकों की उपलब्धता, गुणवत्ता तथा बिक्री व्यवस्था की निगरानी के लिए तहसीलवार संयुक्त टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित उपजिलाधिकारी तथा वरिष्ठ प्राविधिक सहायक शामिल रहे।
तीनों तहसीलों में चला संयुक्त अभियान
खलीलाबाद तहसील में उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह एवं उपजिलाधिकारी खलीलाबाद के नेतृत्व में निरीक्षण किया गया। धनघटा तहसील में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए एवं अपर जिला कृषि अधिकारी डॉ. बृजेश कुमार चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी तथा उपजिलाधिकारी धनघटा ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। वहीं मेहदावल तहसील में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (भूमि संरक्षण), अपर जिला सहकारी अधिकारी तथा नायब तहसीलदार की टीम ने उर्वरक प्रतिष्ठानों की जांच की।
कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर रही विशेष नजर
औचक निरीक्षण के दौरान टीमों ने यूरिया, डीएपी तथा अन्य फॉस्फेटिक उर्वरकों की उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री, अवैध भंडारण, कालाबाजारी तथा उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग जैसे बिंदुओं की गहन जांच की। जिन दुकानों पर अनियमितताएं मिलीं, उनके विरुद्ध तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
जिन प्रमुख प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया उनमें कसौधन कृषि सेवा केंद्र (बंडा बाजार), सुधीर खाद भंडार, दुर्गा खाद भंडार (उमरिया बाजार), आईएफएफडीसी, डीसीएफ, किसान सेवा केंद्र (चकिया), मौर्या खाद बीज भंडार, गुप्ता खाद भंडार, उपाध्याय फर्टिलाइजर्स, शक्ति कृषि सेवा केंद्र, भारत ट्रेडर्स सहित कई अन्य प्रतिष्ठान शामिल रहे।
उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त, घबराने की जरूरत नहीं
जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल लाइसेंसधारी दुकानों से ही निर्धारित मूल्य पर उर्वरक खरीदें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता नियंत्रण, ओवररेटिंग, कालाबाजारी और अवैध भंडारण के विरुद्ध आगे भी नियमित एवं सघन छापेमारी अभियान जारी रहेगा। यदि कोई विक्रेता नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हमारी समीक्षा
खरीफ सीजन में उर्वरकों की मांग बढ़ने के साथ ही कालाबाजारी, कृत्रिम कमी पैदा करने और अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे समय में कृषि विभाग की औचक छापेमारी किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एक लाइसेंस का निलंबन और नौ प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी होना इस बात का संकेत है कि निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता अभी भी बनी हुई है।
हालांकि केवल छापेमारी अभियान चलाना पर्याप्त नहीं होगा। उर्वरकों की उपलब्धता, गुणवत्ता और मूल्य की नियमित निगरानी के साथ-साथ दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध त्वरित एवं पारदर्शी कार्रवाई भी उतनी ही आवश्यक है। यदि निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहते हैं और किसानों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाता है, तो न केवल कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगेगा बल्कि किसानों का कृषि विभाग पर विश्वास भी और मजबूत होगा।

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