Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan
बस्ती। वैवाहिक जीवन में बढ़ते मतभेदों और पारिवारिक विवादों के बीच जनपद बस्ती का परिवार परामर्श केंद्र (महिला थाना) एक बार फिर टूटते रिश्तों को बचाने में सफल रहा। पुलिस विभाग की पहल "ऑपरेशन साथ-साथ – टूटते परिवारों को जोड़ने की एक पहल" के अंतर्गत आयोजित काउंसलिंग में चार दंपतियों के बीच चल रहे विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कराया गया। आपसी संवाद, समझाइश और पारिवारिक मूल्यों पर आधारित परामर्श के बाद सभी चार जोड़ों ने अपने मतभेद भुलाकर साथ रहने की सहमति जताई।
परिवार परामर्श केंद्र की इस पहल ने यह संदेश दिया कि हर वैवाहिक विवाद का समाधान अदालत या कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि धैर्य, संवाद और आपसी विश्वास से भी संभव है। काउंसलरों ने दोनों पक्षों की बात गंभीरता से सुनी, उनकी समस्याओं के मूल कारणों को समझा और उन्हें भविष्य में बेहतर संवाद एवं पारस्परिक सम्मान बनाए रखने की सलाह दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी गलतफहमियां, संवादहीनता और पारिवारिक दबाव कई बार रिश्तों में ऐसी दूरियां पैदा कर देते हैं, जो समय रहते दूर न की जाएं तो परिवार टूटने की स्थिति तक पहुंच जाता है। ऐसे में परिवार परामर्श केंद्र की भूमिका केवल समझौता कराने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह परिवारों को सामाजिक और मानसिक स्तर पर भी मजबूत बनाने का कार्य करता है।
महिला थाना बस्ती द्वारा संचालित यह अभियान लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहा है। इससे न केवल परिवारों को बिखरने से बचाया जा रहा है, बल्कि बच्चों के भविष्य, सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों की भी रक्षा हो रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन "साथ-साथ" का उद्देश्य कानूनी कार्रवाई से पहले आपसी संवाद और काउंसलिंग के माध्यम से वैवाहिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराना है। यदि दोनों पक्ष सहमत हों तो उन्हें एक नई शुरुआत का अवसर दिया जाता है, जिससे परिवारों में खुशहाली बनी रहे।
परिवार परामर्श केंद्र की इस सफलता को सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चार परिवारों के पुनर्मिलन ने यह साबित किया कि संवेदनशील काउंसलिंग, धैर्यपूर्ण संवाद और सकारात्मक प्रयासों से टूटते रिश्तों को भी नई जिंदगी दी जा सकती है।

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