मिशन शक्ति 5.0 के तहत परिवार परामर्श केंद्र की पहल रंग लाई, संवाद और समझाइश से बिखरते रिश्तों को मिली नई जिंदगी
Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan
संतकबीरनगर। पारिवारिक विवादों को कानूनी लड़ाई की बजाय आपसी संवाद और समझौते के माध्यम से सुलझाने की दिशा में संतकबीरनगर पुलिस का 'साथ-साथ कार्यक्रम' लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहा है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में मिशन शक्ति अभियान फेज 5.0 के अंतर्गत संचालित इस पहल के तहत रविवार को परिवार परामर्श केंद्र, महिला थाना में तीन पारिवारिक मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कराया गया। काउंसलिंग और समझाइश के बाद तीनों परिवारों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने की सहमति जताई।
महिला थाना प्रभारी पूनम मौर्या की अध्यक्षता में आयोजित परामर्श सत्र में महिला कांस्टेबल विनिता सिंह, रम्भा यादव तथा काउंसलर रिफातुल्लाह अंसारी की मौजूदगी में दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना गया। पारिवारिक विवादों के कारण टूटने की कगार पर पहुंचे रिश्तों को संवाद और आपसी विश्वास के माध्यम से फिर से जोड़ने का प्रयास किया गया, जो सफल रहा।
पहले मामले में संजू निवासी बंजरिया (संतकबीरनगर) और अवधेश निवासी सोनवलिया (सिद्धार्थनगर) के बीच लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाया गया। दूसरे मामले में शालू गुप्ता निवासी मगहर और बजरंगी गुप्ता निवासी महुली खास के बीच उत्पन्न मतभेद दूर कर दोनों को पुनः साथ रहने के लिए राजी किया गया। वहीं तीसरे मामले में गुड़िया गुप्ता और उनकी सास पानमति देवी, दोनों निवासी बरईपार, मेंहदावल के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद का भी आपसी सहमति से समाधान कराया गया।
संवाद से मजबूत हो रहे पारिवारिक रिश्ते
परिवार परामर्श केंद्र की यह पहल केवल विवादों का निस्तारण नहीं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने का भी प्रयास है। छोटी-छोटी गलतफहमियों और पारिवारिक तनाव के कारण टूटने की कगार पर पहुंचे रिश्तों को काउंसलिंग के माध्यम से नया अवसर देना पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली को दर्शाता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 'साथ-साथ कार्यक्रम' का उद्देश्य परिवारों को बिखरने से बचाना, महिलाओं को न्याय के साथ सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना तथा संवाद के जरिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत भविष्य में भी इस तरह की पहल लगातार जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को टूटने से बचाया जा सके।


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