(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश शासन के मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत संचालित "साथ-साथ कार्यक्रम" (टूटते परिवारों को जोड़ने की पहल) के तहत संतकबीरनगर पुलिस ने एक बार फिर पारिवारिक विवादों के समाधान की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। रविवार को महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र में आपसी संवाद और काउंसिलिंग के माध्यम से नौ परिवारों के बीच सुलह-समझौता कराकर उनके रिश्तों को टूटने से बचाया गया।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में आयोजित इस परामर्श सत्र की अध्यक्षता महिला थाना प्रभारी पूनम मौर्या ने की। इस दौरान महिला कांस्टेबल विनिता सिंह, रम्भा यादव तथा काउंसलर रिफातुल्लाह अंसारी की मौजूदगी में पारिवारिक विवाद से जुड़े कुल नौ मामलों की सुनवाई की गई।
परामर्श केंद्र में पति-पत्नी एवं पारिवारिक मतभेदों से जुड़े मामलों में दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना गया और आपसी संवाद के माध्यम से उनकी गलतफहमियों को दूर करने का प्रयास किया गया। काउंसिलिंग के बाद सभी नौ मामलों में दोनों पक्ष आपसी सहमति से अपने मतभेद समाप्त कर पुनः साथ रहने के लिए राजी हो गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि "साथ-साथ कार्यक्रम" का उद्देश्य केवल कानूनी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संवाद, समझ और विश्वास के माध्यम से परिवारों को टूटने से बचाना है। यह पहल सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
संवाद से सुलझ रहे पारिवारिक विवाद
परिवार परामर्श केंद्र में आने वाले अधिकांश मामलों में आपसी गलतफहमी, पारिवारिक तनाव और संवादहीनता प्रमुख कारण पाए जाते हैं। ऐसे मामलों में काउंसिलिंग के माध्यम से दोनों पक्षों को एक-दूसरे की भावनाओं और जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलता है, जिससे रिश्तों में आई दूरियां कम होती हैं।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संचालित यह अभियान जनपद में लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहा है। परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से अब तक कई बिखरते परिवारों को दोबारा एकजुट किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि आगे भी मिशन शक्ति अभियान के तहत ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे, ताकि पारिवारिक विवादों का समाधान सौहार्दपूर्ण वातावरण में हो सके और समाज में पारिवारिक मूल्यों को मजबूती मिले।

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