(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। संवेदनशील पुलिसिंग और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए थाना मेंहदावल पुलिस ने घर से नाराज़ होकर चली गईं दो नाबालिग बालिकाओं को दिल्ली से सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। चार दिनों से बेटियों की तलाश में परेशान परिवारों के लिए यह पल राहत और खुशी लेकर आया। बेटियों को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सर्विलांस सेल के सहयोग से गुमशुदा बालिकाओं की तलाश शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और सतत प्रयासों के आधार पर पुलिस टीम ने दोनों बालिकाओं को दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ के दौरान बालिकाओं ने बताया कि वे पारिवारिक नाराज़गी के चलते घर छोड़कर विभिन्न स्थानों से होते हुए दिल्ली पहुंच गई थीं। पुलिस ने आवश्यक सत्यापन एवं विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों बालिकाओं को सुरक्षित थाना मेंहदावल लाकर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर संकेत करती है कि पारिवारिक संवाद की कमी और क्षणिक भावनात्मक निर्णय कई बार बच्चों को गंभीर जोखिम में डाल सकते हैं। समय रहते पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के कारण दोनों बालिकाएं किसी अप्रिय घटना का शिकार होने से बच गईं।
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें, उनकी भावनाओं और समस्याओं को समझने का प्रयास करें तथा किसी भी प्रकार की नाराज़गी या तनाव की स्थिति में उन्हें अकेला न छोड़ें। साथ ही, यदि कोई बच्चा लापता हो जाए या कोई भटका हुआ बच्चा मिले, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, जिससे समय रहते उसे सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सके।
बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राम नारायण, मुख्य आरक्षी रोहित प्रसाद, कांस्टेबल चंदन यादव, कांस्टेबल अरुण यादव तथा रिक्रूट महिला आरक्षी अंशिका तिवारी शामिल रहीं। पुलिस अधीक्षक ने टीम की तत्परता और सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है।

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