Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan
संत कबीर नगर, 13 जुलाई। संभावित बाढ़ से जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह ने सोमवार को धनघटा तहसील क्षेत्र में घाघरा (सरयू) नदी के बाएं तट पर स्थित मदरहा-बेहराडाड़ी एवं रामपुर मकदूमपुर तटबंध का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने ड्रेनेज खंड-2 संतकबीरनगर के अधीन संचालित नई बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं एवं बाढ़ पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने तटबंधों की मजबूती, संवेदनशील स्थलों की स्थिति तथा संभावित आपदा से निपटने के लिए किए गए इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया।
इस दौरान तटबंधों से संबंधित तुर्कावलिया नायक एवं तेजपुर बाढ़ चौकियों के स्टोर का भी निरीक्षण किया गया। मौके पर पर्याप्त मात्रा में खाली सीमेंट की बोरियां, नायलन क्रेट, ब्रिक रोड़ा, गिट्टी, मोरंग तथा अन्य फिल्टर सामग्री सुरक्षित रूप से रिजर्व रखी मिली, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उनका उपयोग किया जा सके।
अपर जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता अक्षय कुमार झा तथा संबंधित जूनियर इंजीनियरों को निर्देशित किया कि तटबंधों की 24 घंटे सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बारिश और नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए आवश्यक संसाधन एवं मानवबल हर समय उपलब्ध रखा जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तटबंधों की नियमित पेट्रोलिंग की जाए तथा किसी भी प्रकार के कटान, रिसाव या क्षति की सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि बाढ़ की स्थिति में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।


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