रिपोर्ट -मोहम्मद सईद पठान एडिटर मिशन संदेश
संतकबीरनगर। महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान-6.0 के तहत कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वांछित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को 29 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना किया।
13 सितंबर को दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार, मामले में वादिनी ने 13 सितंबर 2026 को कोतवाली खलीलाबाद में अभियुक्त करन पुत्र बाबूलाल निवासी सेवाइचपार, थाना धर्मसिंहवा, जनपद संतकबीरनगर के विरुद्ध दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था।
प्रकरण में पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 856/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 87, 64(2)(M), 115(2), 352, 351(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5L/6 में अभियोग पंजीकृत किया था।
साक्ष्य संकलन के बाद गिरफ्तारी
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन के आधार पर मुकदमे में सुसंगत धाराओं की बढ़ोतरी की गई। महिला एवं बाल अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 29 अक्टूबर को वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों के निर्देशन में गठित टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में की गई। प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने गिरफ्तारी को अंजाम दिया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक जयप्रकाश चौबे, कांस्टेबल सत्यम सिंह और कांस्टेबल विशाल सिंह शामिल रहे।
समीक्षात्मक पहलू: महिला और बाल सुरक्षा में त्वरित कार्रवाई के साथ समयबद्ध न्याय भी जरूरी
नाबालिगों के विरुद्ध यौन अपराधों के मामले अत्यंत संवेदनशील होते हैं। ऐसे मामलों में आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ पीड़िता की सुरक्षा, गरिमा, गोपनीयता और निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करना भी पुलिस एवं न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
इस प्रकरण में घटना के संबंध में 13 सितंबर को मुकदमा दर्ज होने के बाद 29 अक्टूबर को आरोपी की गिरफ्तारी हुई। अब महत्वपूर्ण होगा कि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से आगे बढ़े, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।
नोट: आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस कार्रवाई का हिस्सा है। अपराध सिद्ध होने का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली किसी भी जानकारी को प्रकाशित नहीं किया गया है।

Post a Comment