- डीएड. विशेष शिक्षा सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के प्रशिक्षुओं ने संस्था और शिक्षकों से प्राप्त किया परिचय, सीआरसी के विभिन्न प्रकल्पों का किया भ्रमण
रिपोर्ट - मोहम्मद सईद पठान
गोरखपुर। सीआरसी गोरखपुर में नवागत प्रशिक्षुओं के लिए अभिमुखीकरण (इंडक्शन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें डीएड. विशेष शिक्षा—बहु-दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, डीएचएलएस और सीसीसीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए प्रशिक्षुओं को संस्थान की कार्यप्रणाली, शिक्षकों और प्रशिक्षण व्यवस्था से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने संस्था के शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। इसके बाद पाठ्यक्रम समन्वयक अमित कुमार ने सभी नवागत प्रशिक्षुओं को सीआरसी के विभिन्न प्रकल्पों का भ्रमण कराया। इस दौरान उन्हें संस्थान की गतिविधियों और दिव्यांगजन पुनर्वास से संबंधित कार्यों की जानकारी दी गई।
दिव्यांगजन पुनर्वास में प्रशिक्षुओं की भूमिका महत्वपूर्ण
इस अवसर पर प्रभारी शैक्षणिक राजेश कुमार ने कहा कि सीआरसी दिव्यांगता पुनर्वास के क्षेत्र में कार्यरत राज्य स्तरीय संसाधन केंद्र है। यहां गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षु दिव्यांगजन के पुनर्वास और उनके जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी सेवाएं पहुंचाने में करने के महत्व पर जोर दिया।
निदेशक ने दी शुभकामनाएं
सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेंद्र यादव ने सभी नवागत प्रशिक्षुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षु संस्थान में उपलब्ध प्रशिक्षण और संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए दिव्यांगता पुनर्वास के क्षेत्र में अपनी दक्षता विकसित करेंगे।
दिव्यांगजन पुनर्वास से जुड़े पाठ्यक्रमों का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है, जो दिव्यांग व्यक्तियों की जरूरतों को समझते हुए उन्हें शिक्षा, पुनर्वास और सामाजिक भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकें। इस दृष्टि से अभिमुखीकरण कार्यक्रम प्रशिक्षुओं को उनकी भावी जिम्मेदारियों और संस्थान की भूमिका से परिचित कराने का महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरण है।
मिशन संदेश | गोरखपुर
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