- दुधारा पुलिस की कार्रवाई, करमाखान पुलिया के पास से पकड़े गए तीनों आरोपी; न्यायालय के लिए किया गया रवाना
Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan
संतकबीरनगर। दुधारा थाना क्षेत्र के करही गांव में एक युवक पर कथित रूप से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवक को जमीन पर गिराकर उसके सीने पर चढ़ते हुए सिर और सीने पर ईंट तथा हाथ में पहने कड़े से हमला किया गया, जिससे वह बेहोश हो गया था। पुलिस ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को तीनों आरोपियों को करमाखान पुलिया के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय के लिए रवाना किया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रविप्रकाश, संचित राम उर्फ पिंटू और संदीप के रूप में हुई है। तीनों करही गांव, थाना दुधारा क्षेत्र के निवासी हैं। मामले में थाना दुधारा पर मुकदमा संख्या 399/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 351(3) और 352 में अभियोग दर्ज है।
युवक को बेहोशी की हालत में छोड़कर भागने का आरोप
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, करही निवासी प्रेमचंद यादव ने 2 अक्टूबर 2026 को दुधारा थाने में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उक्त आरोपी एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर उनके बेटे पर टूट पड़े। आरोप है कि युवक को जमीन पर पटकने के बाद उसके सीने पर चढ़कर सिर और सीने पर ईंट तथा हाथ में पहने कड़े से वार किए गए।
शिकायत के अनुसार, हमले में युवक बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
एसपी के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में दुधारा पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की। थानाध्यक्ष अमित कुशवाहा की गठित टीम ने तीनों आरोपियों को करमाखान पुलिया के पास से गिरफ्तार किया।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शोभनाथ, हेड कांस्टेबल मोतीलाल यादव और कांस्टेबल रंजन राजभर शामिल रहे।
गिरफ्तारी के बाद अब न्यायिक प्रक्रिया पर नजर
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के लिए रवाना कर दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही होगी।
गंभीर हमले से जुड़े इस मामले में अब जांच के दौरान घटना से संबंधित साक्ष्यों, पीड़ित के बयान और अन्य तथ्यों का महत्व रहेगा। पुलिस की कार्रवाई के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी।
मिशन संदेश | संतकबीरनगर
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