- मारपीट, धमकी और दबंगई से दूर रहने की हिदायत; पुलिस ने कानून का पालन कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए किया प्रेरित
Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor
संतकबीरनगर। विजयदशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इसी संदेश को सामाजिक जीवन से जोड़ते हुए संतकबीरनगर की महुली पुलिस ने थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों को अपराध से दूर रहने, कानून का पालन करने और समाज में शांति-सौहार्द बनाए रखने की शपथ दिलाई। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित करने के साथ कानून के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराना रहा।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के पर्यवेक्षण में आयोजित इस पहल के दौरान थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पाण्डेय ने हिस्ट्रीशीटरों को मारपीट, धमकी, दबंगई और अन्य आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की हिदायत दी। उन्हें समझाया गया कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना दें और कानूनी प्रक्रिया का पालन करें।
पुलिस ने उन्हें अपराध का रास्ता छोड़कर सदाचरण अपनाने तथा समाज की मुख्यधारा में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया। विभाग की ओर से संदेश दिया गया कि कानून का सम्मान करने और जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने से न केवल व्यक्ति, बल्कि उसके परिवार और समाज का भविष्य भी बेहतर हो सकता है।
शपथ से आगे निगरानी और व्यवहार में बदलाव की चुनौती
महुली पुलिस की यह पहल अपराध नियंत्रण के साथ सुधारात्मक दृष्टिकोण को भी सामने रखती है। किसी व्यक्ति का आपराधिक गतिविधियों से दूर रहकर सामान्य सामाजिक जीवन अपनाना कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। केवल दंडात्मक कार्रवाई के बजाय अपराध से दूरी बनाने के लिए प्रेरित करना भी पुलिसिंग का एक उपयोगी पक्ष हो सकता है।
हालांकि, ऐसी पहल की वास्तविक सफलता केवल शपथ दिलाने तक सीमित नहीं मानी जा सकती। इसका प्रभाव इस बात से स्पष्ट होगा कि संबंधित व्यक्ति भविष्य में कानून का कितना पालन करते हैं और आपराधिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखते हैं। इसके लिए नियमानुसार निगरानी, समय-समय पर संवाद और किसी भी नई शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई भी जरूरी है।
यह भी महत्वपूर्ण है कि हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज होना अपने आप में किसी नए अपराध का प्रमाण नहीं है। इसलिए कानून के तहत प्रत्येक व्यक्ति के साथ निष्पक्ष व्यवहार करते हुए, किसी भी कार्रवाई का आधार संबंधित तथ्य और साक्ष्य होने चाहिए।
विजयदशमी के अवसर पर महुली पुलिस की इस पहल ने अपराध से दूरी, सदाचरण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। अब इस संदेश की सार्थकता इसके निरंतर पालन और व्यवहार में आने वाले सकारात्मक बदलाव से तय होगी।
संतकबीरनगर पुलिस का संदेश: अपराध से दूर रहें, कानून का सम्मान करें और अपने परिवार तथा समाज के उज्ज्वल भविष्य में सकारात्मक योगदान दें।

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