रिपोर्ट -मोहम्मद सईद पठान एडिटर मिशन
संतकबीरनगर। आपसी विवाद में गाली-गलौज के बाद हाथ में पहने जाने वाले लोहे के कड़े से हमला कर युवक को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में बेलहरकला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लोहे का कड़ा भी बरामद किया है। गिरफ्तारी 29 अक्टूबर 2026 को सरहरा पुलिया के पास से की गई।
28 अक्टूबर को दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बनौली निवासी मनोज राजभर पुत्र स्वर्गीय जगदीश ने 28 अक्टूबर को थाना बेलहरकला में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनके चचेरे भाई गोविन्द पुत्र ज्ञानदास के साथ शिवम उर्फ गड़टेढ़ा पुत्र राधेश्याम राजभर ने गाली-गलौज की और हाथ में पहने लोहे के कड़े से हमला कर दिया। हमले में गोविन्द का सिर फट गया और वह घायल हो गए।
शिकायत के आधार पर थाना बेलहरकला में मुकदमा अपराध संख्या 309/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) और 352 में अभियोग पंजीकृत किया गया।
**सरहरा पुलिया के पास से गिरफ्तारी, लोहे का कड़ा बरामद**
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बेलहरकला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामजद वांछित अभियुक्त शिवम उर्फ गड़टेढ़ा निवासी बनौली को 29 अक्टूबर को सरहरा पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लोहे का कड़ा भी बरामद हुआ है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय रवाना कर दिया गया।
अधिकारियों के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्व दवन सिंह के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष बेलहरकला सर्वेश कुमार के नेतृत्व में की गई।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक हरिनाथ मिश्र, मुख्य आरक्षी बृजेश कुमार पाण्डेय, आरक्षी रितेश मिश्रा और आरक्षी आनंद तिवारी शामिल रहे।
समीक्षात्मक पहलू: मामूली विवाद हिंसक रूप ले तो कानून का सामना करना पड़ता है
इस घटना में गाली-गलौज के बाद लोहे के कड़े से हमला किए जाने का आरोप सामने आया है। यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि आपसी विवाद और आवेश में उठाया गया हिंसक कदम किसी की जान को खतरे में डाल सकता है। ऐसे मामलों में समय रहते विवाद का समाधान और कानून का सहारा लेना जरूरी है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त लोहे का कड़ा बरामद करने का दावा किया है। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक घटनाक्रम का निर्धारण होगा।
नोट -गिरफ्तारी और पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। दोष सिद्ध करने का अधिकार न्यायालय को है।

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