नकल और अव्यवस्था रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने बनाई रणनीति, परीक्षा केंद्रों पर रहेगी कड़ी निगरानी
रिपोर्ट -मोहम्मद सईद पठान एडिटर मिशन संदेश
संतकबीरनगर। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2026) को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, परीक्षार्थियों की सुविधा और नकल जैसी अनुचित गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से 29 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना और अपर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने संबंधित अधिकारियों के साथ परीक्षा की तैयारियों पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के निर्देश
बैठक में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, परीक्षार्थियों के आवागमन, यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, नकल अथवा अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए सतर्कता और विभागीय समन्वय पर जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, परीक्षा केंद्रों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने और यातायात को सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
अवांछनीय गतिविधियों पर तत्काल होगी वैधानिक कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान शांति व्यवस्था प्रभावित करने अथवा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से जिम्मेदारियों का निर्वहन करने को कहा गया।
प्रशासन का उद्देश्य है कि परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों को केंद्रों तक पहुंचने, परीक्षा में शामिल होने और वापस लौटने के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
समीक्षात्मक नजरिया: सुरक्षा के साथ परीक्षार्थियों की सुविधा भी बड़ी जिम्मेदारी
PET जैसी प्रतियोगी परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की भागीदारी के चलते सुरक्षा और यातायात प्रबंधन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होते हैं। केवल बैठक में निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है।
विशेष रूप से परीक्षा केंद्रों के आसपास जाम, अनावश्यक भीड़, सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता और अभ्यर्थियों को समय से केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था पर जमीनी स्तर पर निगरानी आवश्यक होगी। परीक्षा की निष्पक्षता तभी सुनिश्चित होगी, जब सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अभ्यर्थियों को समान और सुविधाजनक वातावरण भी उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
अब परीक्षा के दौरान प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक परीक्षा होगी।

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