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जनगणना-2027: 16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना, 30 नवंबर तक पोर्टल पर भर सकेंगे परिवार की जानकारी

डीएम अनुज मलिक ने मीडिया के साथ की प्रेसवार्ता, 40 सवालों के माध्यम से दर्ज होगी परिवार के सदस्यों की जानकारी; स्व-गणना के बाद मिलेगी 11 अंकों की SE ID

रिपोर्ट -मोहम्मद सईद पठान चीफ एडिटर मिशन संदेश 

संतकबीरनगर । भारत की जनगणना-2027 को सटीक, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना के द्वितीय चरण यानी वास्तविक जनसंख्या गणना को लेकर जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अनुज मलिक ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने जनगणना की समय-सारिणी, स्व-गणना की प्रक्रिया और आम नागरिकों की जिम्मेदारी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही मीडिया प्रतिनिधियों से स्व-गणना अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की।

प्रेसवार्ता की शुरुआत एक भावुक क्षण के साथ हुई। वरिष्ठ पत्रकार शोभित पांडेय के आकस्मिक निधन पर जिलाधिकारी सहित उपस्थित सभी पत्रकारों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। जिलाधिकारी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार को यथासंभव सहयोग का आश्वासन दिया।



*16 नवंबर से शुरू होगा जनगणना का दूसरा चरण*

जिलाधिकारी अनुज मलिक ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में मकानों की गणना एवं भवनों के चिन्हांकन का कार्य किया गया था। अब द्वितीय चरण में वास्तविक जनसंख्या गणना की जाएगी, जो अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसमें प्रत्येक परिवार और उसके सदस्यों से संबंधित निर्धारित जानकारियां दर्ज की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि जनगणना का द्वितीय चरण 16 नवंबर 2026 से शुरू होगा। इससे पहले 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत जनपदवासी स्वयं आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

*घर बैठे कैसे करें स्व-गणना?*

डीएम ने स्व-गणना की प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि नागरिकों को निर्धारित पोर्टल पर जाकर निम्नलिखित प्रक्रिया पूरी करनी होगी—

1. सबसे पहले https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाएं।

2. अपना राज्य चुनकर कैप्चा भरें।

3. परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें।

4. मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करें।

5. अपनी पसंद की भाषा का चयन करें।

6. डिजिटल मैप पर अपने घर का सही स्थान और नजदीकी लैंडमार्क चिह्नित करें।

7. परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित निर्धारित प्रश्नों के उत्तर भरें।

8. सभी जानकारियों की जांच करने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें।

फॉर्म सफलतापूर्वक जमा होने के बाद नागरिकों को 11 अंकों की एक विशेष 'SE ID' प्राप्त होगी। इसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा। बाद में जब जनगणना प्रगणक (Enumerator) घर पहुंचेंगे, तब नागरिकों को यह आईडी दिखानी होगी।

*40 सवालों के जवाब से तैयार होगा परिवार का विवरण*

जिलाधिकारी ने बताया कि स्व-गणना पोर्टल पर कुल 40 प्रश्न शामिल किए गए हैं। इनमें व्यक्ति की पहचान, शिक्षा, भाषा, रोजगार, जन्म सहित अन्य निर्धारित जानकारियों से जुड़े सवाल होंगे। प्रत्येक नागरिक को अपनी वास्तविक स्थिति के अनुसार उचित विकल्प चुनकर सही जानकारी दर्ज करनी होगी।

जनगणना के आंकड़े केवल जनसंख्या की संख्या जानने तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनके आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं, सार्वजनिक सुविधाओं और विभिन्न सरकारी नीतियों के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार होता है। ऐसे में गलत या अधूरी जानकारी से आंकड़ों की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

*मीडिया से सहयोग की अपील, हर परिवार तक पहुंचे जानकारी*

डीएम अनुज मलिक ने प्रेसवार्ता में मौजूद पत्रकारों से स्व-गणना अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मीडिया समाज के प्रत्येक वर्ग तक महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। यदि नागरिक समय रहते स्व-गणना की प्रक्रिया समझ लेंगे तो जनगणना कार्य में सहयोग बढ़ेगा और प्रगणकों को भी सही एवं सटीक जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी।

उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जनपद का कोई भी परिवार या नागरिक जनगणना प्रक्रिया से छूटने न पाए।

*समीक्षात्मक दृष्टिकोण: जागरूकता और सटीक जानकारी सबसे बड़ी चुनौती*

जनगणना-2027 का दूसरा चरण प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से भी जुड़ा है। स्व-गणना की ऑनलाइन सुविधा निश्चित रूप से नागरिकों को अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज करने का अवसर देती है, लेकिन इसकी सफलता के लिए ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों, कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों और इंटरनेट सुविधा से वंचित परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाना जरूरी होगा।

प्रशासन के सामने चुनौती केवल पोर्टल की जानकारी देने की नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी है कि प्रत्येक पात्र परिवार स्व-गणना की प्रक्रिया समझे और सही जानकारी दर्ज करे। जिन परिवारों को ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई हो सकती है, उनके लिए जागरूकता और आवश्यक सहायता की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।

मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार के साथ ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सहायक हो सकती है। जनगणना के आंकड़ों की विश्वसनीयता तभी मजबूत होगी, जब प्रत्येक परिवार की भागीदारी सुनिश्चित हो और दर्ज की गई जानकारी वास्तविकता के अनुरूप हो।

*प्रेसवार्ता में रहे मौजूद*

इस अवसर पर जनगणना प्रभारी सुजीत कुमार, जनगणना सहायक अभय कुमार चौधरी, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित जनपद के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


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