रिपोर्ट -मोहम्मद सईद पठान चीफ एडिटर मिशन संदेश
संतकबीरनगर। आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए जिले में मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक समावेशी बनाने की कवायद तेज हो गई है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुज मलिक की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के तीनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम और मतदेय स्थलों के सम्भाजन को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश और मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदेय स्थलों का सम्भाजन पूरा कर लिया गया है। अब 12 नवंबर 2026 को मतदाता सूची के इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, संशोधन कराने अथवा किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाना है, जबकि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को प्रस्तावित है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक जनवरी 2027 को अर्हता तिथि मानते हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 21, 22, 28 और 29 नवंबर को विशेष अभियान दिवस निर्धारित किए गए हैं। इन दिनों जिले के सभी मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारियों की सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक बूथ पर पर्याप्त संख्या में फार्म-6 उपलब्ध रहें। विशेष अभियान दिवसों पर हेल्प डेस्क सक्रिय रखी जाए और ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से फार्म-6 भरने की प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विधानसभा स्तर पर बैठक कर पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाने को भी कहा गया।
पात्र मतदाता छूटे नहीं, प्रशासन के सामने यही बड़ी चुनौती
मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में अभियान की सफलता इस बात से तय होगी कि नए मतदाताओं, युवाओं, स्थान बदल चुके नागरिकों और अब तक सूची में नाम दर्ज न करा सके पात्र लोगों तक जानकारी कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती है।
विशेष अभियान दिवसों पर बीएलओ की उपस्थिति और फार्म-6 की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन केवल निर्देश जारी कर देना पर्याप्त नहीं होगा। यह भी जरूरी है कि बूथों पर आने वाले नागरिकों को सही जानकारी मिले, उनके आवेदन स्वीकार हों और दावों-आपत्तियों का निस्तारण तय समयसीमा में पारदर्शी ढंग से किया जाए। मतदाता सूची में नाम छूटने या गलत प्रविष्टि रहने की स्थिति में नागरिकों को समय रहते जानकारी और सहायता मिलना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
राजनीतिक दलों की भूमिका भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रहेगी। उन्हें अपने स्तर से पात्र मतदाताओं को जागरूक करने के साथ-साथ सूची का परीक्षण कर वास्तविक त्रुटियों और छूटे हुए नामों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचानी चाहिए। इससे पुनरीक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सहभागी बन सकती है।
बैठक में राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
**मोहम्मद सईद पठान, एडिटर द्वारा रिपोर्ट।**




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