पत्रकार के असामयिक निधन के बाद परिवार के साथ खड़ा हुआ पुलिस महकमा, बच्चों की पढ़ाई और उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए दी आर्थिक सहायता
रिपोर्ट -मोहम्मद सईद पठान एडिटर मिशन संदेश
संतकबीरनगर। पत्रकारिता जगत में किसी साथी का असमय बिछड़ जाना केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि उस सामाजिक आवाज का कमजोर पड़ना भी है, जो आमजन की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का दायित्व निभाती है। ऐसे ही कठिन समय में संतकबीरनगर पुलिस ने दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार शोभित पाण्डेय के परिवार के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए एक मानवीय पहल की है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने पुलिस परिवार की ओर से दिवंगत पत्रकार के परिजनों को 5 लाख 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह सहयोग विशेष रूप से उनके बच्चों की शिक्षा-दीक्षा और भविष्य को ध्यान में रखकर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक संकट की स्थिति में परिवार को संबल देना और यह सुनिश्चित करना है कि पिता के असामयिक निधन के कारण बच्चों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित न हो। किसी परिवार के लिए अपने प्रियजन को खोने का दर्द अपूरणीय होता है, लेकिन ऐसी विषम परिस्थिति में मिलने वाला सहयोग उसे आगे बढ़ने का हौसला जरूर देता है।
निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते थे शोभित पाण्डेय
दिवंगत शोभित पाण्डेय जनपद के प्रतिष्ठित, अनुभवी और कर्मठ पत्रकार थे। उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन में निष्पक्षता, निर्भीकता और जनहित को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वर्तमान में वह समाचार पत्र हिन्दुस्तान में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्यरत थे। इससे पहले अमर उजाला में चीफ ब्यूरो की जिम्मेदारी भी निभा चुके थे।
उनके निधन से पत्रकारिता जगत के साथ-साथ पूरे जनपद में शोक की लहर है। लंबे समय तक विभिन्न समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले शोभित पाण्डेय का जाना स्थानीय पत्रकारिता के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना द्वारा दी गई 5.51 लाख रुपये की सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि एक ऐसे परिवार के प्रति सामाजिक संवेदना का उदाहरण है, जो अचानक अपने परिवार के प्रमुख सदस्य को खोने के बाद कठिन दौर से गुजर रहा है।
विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा को सहयोग का केंद्र बनाना इस पहल को और महत्वपूर्ण बनाता है। क्योंकि किसी भी बच्चे का भविष्य उसके पिता के असामयिक निधन के कारण अधर में नहीं रहना चाहिए। ऐसे समय में समाज के विभिन्न जिम्मेदार संस्थानों और वर्गों की भूमिका केवल संवेदना व्यक्त करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के साथ व्यावहारिक रूप से खड़े होने की भी होनी चाहिए।
पुलिस की पहल से समाज को मिला संवेदना और सहयोग का संदेश
पुलिस अधीक्षक ने दिवंगत पत्रकार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
संतकबीरनगर पुलिस की यह पहल बताती है कि वर्दी की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय परिस्थितियों में समाज के साथ खड़े होने का दायित्व भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
शोभित पाण्डेय अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी पत्रकारिता, जनहित के प्रति प्रतिबद्धता और उनके परिवार के प्रति दिखाई गई यह संवेदनशीलता लंबे समय तक याद रखी जाएगी। उनके बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए उठाया गया यह कदम निश्चित रूप से समाज के अन्य जिम्मेदार लोगों और संस्थाओं को भी जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए प्रेरित करेगा।**
*दिवंगत पत्रकार शोभित पाण्डेय को विनम्र श्रद्धांजलि।*


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