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Santkabir Nagar News: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, शिकायत के अगले दिन वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

मिशन शक्ति 6.0 के तहत खलीलाबाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई; मेंहदावल बाइपास के पास से पकड़ा गया आरोपी, न्यायालय भेजा गया

Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor 

संतकबीरनगर। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 6.0 अभियान के तहत कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की ओर से 2 नवंबर को शिकायत मिलने पर मुकदमा दर्ज किया गया था और अगले ही दिन 3 नवंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान प्रद्युमन मौर्य पुत्र सुरेश मौर्य, निवासी करमदेवा बुजुर्ग, थाना सिकरीगंज, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। उसे मेंहदावल बाइपास के पास से गिरफ्तार किया गया। इस मामले में कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा अपराध संख्या 993/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 351(3) और 352 में अभियोग पंजीकृत किया गया है।

पुलिस का कहना है कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के बाद साक्ष्य संकलन और आवश्यक कार्रवाई की गई। महिला अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना किया।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में अपराध निरीक्षक अवधेश कुमार उपाध्याय, कांस्टेबल बलराम यादव और कांस्टेबल आशीष यादव शामिल रहे।

त्वरित गिरफ्तारी के साथ निष्पक्ष जांच भी जरूरी

महिला अपराध के मामलों में शिकायत मिलने पर समयबद्ध कार्रवाई पीड़िता के भरोसे और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, गिरफ्तारी को ही न्याय की अंतिम उपलब्धि नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में निष्पक्ष विवेचना, उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन, पीड़िता की सुरक्षा और न्यायालय में प्रभावी पैरवी भी उतनी ही जरूरी है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विवेचना के दौरान आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं और साक्ष्यों की कितनी गहराई से जांच होती है तथा पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में आगे की कार्रवाई कितनी प्रभावी रहती है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।


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