बोलने में असमर्थ थीं पांच और छह साल की दोनों बच्चियां, कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चलाया तलाश अभियान
Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor
संतकबीरनगर। खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के बरदहिया में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घर से खेलते समय दो मासूम बच्चियां अचानक लापता हो गईं। परिजनों की सूचना पर सक्रिय हुई कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चियों को करीब दो घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया और उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 नवंबर 2026 को बरदहिया निवासी एक महिला अपनी भतीजी को ट्रेन पकड़वाने रेलवे स्टेशन गई थीं। इस दौरान उनकी पांच वर्षीय पुत्री और उनकी बहन की छह वर्षीय पुत्री घर पर खेल रही थीं। दोपहर करीब दो बजे महिला को उनकी मां ने फोन कर बताया कि दोनों बच्चियां घर पर नहीं मिल रही हैं। परिजनों ने आसपास और संभावित स्थानों पर काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में कोतवाली खलीलाबाद पुलिस और एसओजी टीम ने तत्काल संयुक्त तलाश अभियान शुरू किया। पुलिस टीमों ने तेजी से संभावित स्थानों पर खोजबीन की और स्थानीय स्तर पर आवश्यक जानकारी जुटाते हुए दोनों बच्चियों को सकुशल खोज निकाला।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि दोनों बच्चियां बोलने में भी असमर्थ थीं। ऐसे में उनकी पहचान और उनके परिजनों तक पहुंचना पुलिस के लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद टीम ने धैर्य और तत्परता के साथ प्रयास जारी रखे और अंततः दोनों बच्चियों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचा दिया।
बच्चियों के सकुशल वापस मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली। उन्होंने पुलिस और एसओजी टीम की त्वरित कार्रवाई के प्रति आभार जताया।
समीक्षात्मक पक्ष: यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवार और समाज की जिम्मेदारी को रेखांकित करती है। छोटे बच्चों को घर पर अकेला छोड़ने की परिस्थितियों में विशेष सतर्कता जरूरी है। वहीं, किसी बच्चे के अचानक लापता होने पर बिना समय गंवाए पुलिस को सूचना देना भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस मामले में पुलिस की त्वरित सक्रियता और संयुक्त प्रयास सराहनीय रहे। विशेष रूप से बोलने में असमर्थ दोनों बच्चियों को सकुशल परिजनों तक पहुंचाना टीम की संवेदनशीलता और कार्यकुशलता को दर्शाता है।
हालांकि, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परिवारों को बच्चों की निगरानी और सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
मोहम्मद सईद पठान, एडिटर द्वारा रिपोर्ट | मिशन संदेश
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