नई दिल्ली। झारखंड चुनाव नतीजों ( Jharkhand Election Result ) के बाद प्रदेश में इन दिनों नई सरकार के गठन की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा ( JMM ) नेता हेमंत सोरेन जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं।
लेकिन इससे पहले हेमंत सोरेन अपने सहयोगी दलों के प्रमुखों से मुलाकात करने में जुटे हैं। इसी कड़ी में सोरेन ने राष्ट्रीय जनता दल ( RJD ) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ( Lalu Prasad Yadav ) से मुलाकात की। हालांकि इस मुलाकात के दौरान एक बड़ी गलती भी हो गई।
नई सरकार में नामित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अविभाजित बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में जाकर मुलाकात की और नई सरकार के गठन पर चर्चा की।
जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन ने यादव से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है। राजद सुप्रीमो रिम्स में इलाजरत हैं। इसलिए, वह रिम्स में आकर यादव से मिले और उनका आशीर्वाद लिया।
सोरेन के मुताबिक लालू यादव की राय नई सरकार के लिए काफी लाभकारी होगी। यादव से मुलाकात के बाद सोरेने रिम्स के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे और वहां इलाजरत मरीजों के बारे में जानकारी ली।
बिना किसी पूर्व अनुमति के पहुंचे
सोरेन के रिम्स पहुंचने पर बिना किसी पूर्व अनुमति के अन्य 12 से 15 लोग भी यादव से मिलने पहुंचे। हालांकि जेल मैनुअल के मुताबिक यादव से प्रति शनिवार केवल तीन लोग की मिल सकते हैं। केवल विशेष मामले में ही परिवार के लोग राजद सुप्रीमो से मिल सकते हैं।
इस बीच बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के अधीक्षक अशोक चौधरी ने कहा कि राजद अध्यक्ष से मिलने की अनुमति केवल तीन लोगों हेमंत सोरेन, राजेंद्र सिंह और नरेंद्र सिह को दी गई थी, लेकिन उन्हें पता नहीं था कि इन नेताओं के साथ इतने लोग रिम्स पहुंच जाएंगे।
मामले की होगी जांच
उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Represent by Balram G
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