(सईद पठान की रिपोर्ट)
संतकबीरनगर। कभी-कभी जिंदगी के सबसे नजदीकी रिश्ते ही मौत का कारण बन जाते हैं। पटखौली गांव निवासी #आयुष_सिंह_हत्याकांड ने यही कड़वी सच्चाई उजागर कर दी। जिस पर उसने भरोसा किया, वही उसका कातिल निकला। जिले को दहला देने वाली इस #वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने प्रेस वार्ता में बताया कि पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद आयुष की मौत की वजह बना।
#एसपी ने बताया कि आदर्श शुक्ला पुत्र हरिप्रसाद शुक्ला निवासी मरवटिया, थाना पुरानी बस्ती, जनपद बस्ती ने आयुष सिंह पर गोली चलाई। गोली सीधे सीने में लगी और मौके पर ही आयुष की मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात में उसके अन्य साथी शिवम पासवान पुत्र प्रेम पासवान निवासी खमरिया थाना कोतवाली खलीलाबाद और सिद्धार्थ सिंह पुत्र विवेकानंद सिंह निवासी अभयपुररा थाना कप्तानगंज जनपद बस्ती भी शामिल रहे। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना कर दिया गया है।
घटना के खुलासे के बाद गांव में गम और गुस्से का माहौल है। परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों कुछ पैसों के लिए एक दोस्त ने अपनी दोस्ती और इंसानियत दोनों का गला घोंट दिया।
#पुलिस_अधीक्षक ने कहा कि इस मामले की जांच पूरी गंभीरता से की गई और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को बेनकाब किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध कितना भी संगीन क्यों न हो, अपराधी बच नहीं सकता।
गांव के लोग अब भी सदमे में हैं। जहां कभी दोस्तों की हंसी-ठिठोली गूंजती थी, वहीं अब मातम पसरा हुआ है। आयुष के घर से उठती चीखें और टूटे सपनों की गूंज सबके दिल को झकझोर रही है।
यह मामला केवल एक हत्या की कहानी नहीं है, बल्कि यह सवाल भी है कि क्या अब दोस्ती के रिश्तों में भरोसा बचा है?

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