समारोह का आयोजन दोपहर 2 बजे शिमला पैलेस, लाटूश रोड, लखनऊ में किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पत्रकार, समाजसेवी और अनेक गणमान्य नागरिक भाग लेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रधर्म के निदेशक मनोज कांत होंगे। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगान, दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ होगा।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण "पत्रकारिता एवं राष्ट्रहित" विषय पर आयोजित विशेष संवाद रहेगा। इस विचार-विमर्श में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, डिजिटल युग की चुनौतियों, निष्पक्षता, विश्वसनीयता और समाज के प्रति मीडिया की जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पत्रकारों एवं विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष हरीश तिवारी, महासचिव आशीष तिवारी और संयोजक राजेन्द्र गुप्ता ने प्रदेश के सभी पत्रकारों से समारोह में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि पत्रकारों की एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन न केवल पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को भी सुदृढ़ बनाता है।
समीक्षात्मक दृष्टि से देखा जाए तो ऐसे आयोजन पत्रकारों के बीच संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और संगठनात्मक मजबूती का अवसर प्रदान करते हैं। हालांकि, इन आयोजनों की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इनमें उठाए गए मुद्दों और संकल्पों को भविष्य में कितनी गंभीरता से धरातल पर उतारा जाता है। पत्रकारिता के समक्ष फेक न्यूज, साइबर खतरे, आर्थिक दबाव और पत्रकार सुरक्षा जैसे गंभीर प्रश्न मौजूद हैं, जिन पर ठोस पहल की आवश्यकता है।
ऐसे में समिति का यह स्थापना दिवस समारोह केवल उत्सव नहीं, बल्कि पत्रकारिता की गरिमा, पेशेवर नैतिकता और संगठनात्मक एकजुटता को नई दिशा देने का प्रयास माना जा रहा है।

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