संत कबीर नगर मिशन संदेश । कठिन परिस्थितियों में सड़क पर जीवन गुजार रहे अनाथ, परित्यक्त, निराश्रित एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन ने सक्रिय पहल शुरू कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के निर्देशों तथा शासन के आदेश के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चन्द्रेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चिन्हांकन समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुनर्वास व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित व्यक्तियों को संबंधित कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश के आधार पर आश्रय गृह, चिकित्सा परिचर्या गृह अथवा अन्य उपयुक्त संस्थानों में भेजा जाएगा। वहीं 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर नियमानुसार संरक्षण और पुनर्वास की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने समाज कल्याण विभाग की 'कल्याण साथी' हेल्पलाइन-14568, महिला हेल्पलाइन 181 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं, ताकि आम नागरिक सड़क पर मिले बेसहारा, महिलाओं, बच्चों या अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों की सूचना तत्काल प्रशासन तक पहुँचा सकें। मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के पुनर्वास में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 एवं मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम-2017 के प्रावधानों का पालन करने पर भी जोर दिया गया।
मिशन संदेश की समीक्षात्मक दृष्टि
बैठक में लिए गए निर्णय मानवीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनकी वास्तविक सफलता जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। अक्सर देखा जाता है कि अभियान शुरू तो होते हैं, लेकिन नियमित निगरानी, पर्याप्त संसाधन और विभिन्न विभागों के समन्वय के अभाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते। यदि प्रत्येक मंगलवार प्रस्तावित रेस्क्यू अभियान पूरी गंभीरता से संचालित किया गया और पुनर्वास के बाद भी संबंधित व्यक्तियों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित हुई, तभी यह पहल सार्थक साबित होगी।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी बृजेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षाविद, अधिवक्ता एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए निराश्रित एवं असहाय लोगों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

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