(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। जिले में संचालित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आलोक कुमार ने शुक्रवार को विकासखंड बघौली स्थित गो-आश्रय स्थल शिवापार का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोवंशों के संरक्षण, चारा-पानी, आवास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि गो-आश्रय स्थल में 68 गोवंश संरक्षित हैं। मौके पर 25 कुंतल भूसा एवं चोकर उपलब्ध था, जबकि साइलेज उपलब्ध नहीं मिला। अधिकारियों ने बताया कि गोवंशों के लिए हरे चारे की बुवाई कराई गई है तथा दो केयरटेकर रात्रि में गोवंशों की देखभाल के लिए तैनात रहते हैं।
व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने गोशाला का टीन शेड क्षतिग्रस्त पाए जाने पर खंड विकास अधिकारी बघौली को तत्काल नया टीन शेड लगवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही गो-आश्रय स्थल परिसर में खड़ंजा निर्माण कराने के भी निर्देश दिए, ताकि बारिश के मौसम में गोवंशों और कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान गो-आश्रय स्थल परिसर में आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) बनाए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को इसके औचित्य का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी गो-आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाए और गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल तथा चिकित्सा सुविधाएं हर समय उपलब्ध रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोवंशों के संरक्षण एवं देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी बघौली अर्जित प्रकाश, ओएसडी राकेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप गो-आश्रय स्थलों का संचालन पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



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