मोहम्मद सईद पठान एडिटर की रिपोर्ट | मिशन संदेश
संतकबीरनगर । जनपद में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना दुधारा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 22 किलो 300 ग्राम गांजे के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गांजे की बरामदगी भरवलिया बाबू नहर पुलिया के पास स्थित एक मछली फार्म के टिनशेड से की गई।
मछली फार्म के टिनशेड से मिली 22 किलो से अधिक गांजे की खेप
पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग तथा क्षेत्र में भ्रमण के दौरान 30 अक्टूबर को दुधारा पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए अवनीश सिंह उर्फ टोनी और अविनाश सिंह उर्फ टिंकू को गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपी ग्राम भरवलिया बाबू, थाना दुधारा, जनपद संतकबीरनगर के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 22 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा बरामद करने का दावा किया है।
इस मामले में थाना दुधारा पर मुकदमा अपराध संख्या 431/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायालय रवाना कर दिया।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने की।
कार्रवाई में थानाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार सिंह, उपनिरीक्षक नंदा प्रसाद, सतीश कुमार तिवारी, अभय कुमार पाण्डेय, हेड कांस्टेबल मोतीलाल यादव, उदयभान यादव तथा कांस्टेबल रंजन राजभर शामिल रहे।
बरामदगी के बाद अब आगे की जांच पर नजर
22 किलो 300 ग्राम गांजे की बरामदगी को सामान्य कार्रवाई मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खास बात यह है कि पुलिस ने बरामदगी एक मछली फार्म के टिनशेड से होने की जानकारी दी है। ऐसे में जांच का दायरा केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित मछली फार्म का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा था और वहां गांजा रखे जाने की परिस्थितियां क्या थीं।
मिशन संदेश की नजर: मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब पुलिस छोटे स्तर पर बरामदगी के साथ-साथ गांजे की आपूर्ति करने वाले स्रोतों और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क तक भी पहुंचे। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।

Post a Comment