मोहम्मद सईद पठान एडिटर की रिपोर्ट | मिशन संदेश
संतकबीरनगर । युवक पर कथित रूप से जानलेवा हमला करने के मामले में थाना महुली पुलिस ने दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई एक लोहे की रॉड और एक डंडा भी बरामद करने का दावा किया है। मामला 28 अक्टूबर को युवक पर हमला कर उसे घायल करने से जुड़ा है।
एक अन्य साथी के साथ मिलकर हमले का आरोप
पुलिस के मुताबिक, वादी ने 29 अक्टूबर को थाना महुली में शिकायत दर्ज कराई थी कि 28 अक्टूबर को फैज खान और कैफ शेख ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसके बेटे पर जान से मारने की नीयत से डंडे और लोहे की रॉड से हमला किया था। हमले में युवक घायल हो गया था।
शिकायत के आधार पर थाना महुली में मुकदमा अपराध संख्या 444/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 115(2), 352, 351(3), 109(1), 131 और 333 में अभियोग पंजीकृत किया गया।
कोहड़ गड़ी मोड़ के पास से गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक हरेन्द्र पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, 30 अक्टूबर को कोहड़ गड़ी मोड़ के पास से दोनों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर टिकुईकोल मोड़ के पास से कथित तौर पर हमले में प्रयुक्त एक लोहे की रॉड और एक डंडा बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैज खान पुत्र सिराजुद्दीन खान और कैफ शेख पुत्र स्वर्गीय इंसान अली, निवासी वार्ड नंबर 03 सूर्यनगर, नगर पंचायत हरिहरपुर, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय रवाना कर दिया।
गिरफ्तारी के साथ घायल युवक की सुरक्षा और न्याय भी अहम
यह घटना क्षेत्र में मारपीट और हिंसक विवादों की गंभीरता को सामने लाती है। किसी युवक पर कथित तौर पर डंडे और लोहे की रॉड से हमला किया जाना केवल आपसी विवाद का मामला नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
हालांकि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कथित हथियार बरामद करने की जानकारी दी है, लेकिन मामले में एक अन्य साथी की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि उस तीसरे व्यक्ति की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की जांच कहां तक पहुंची है।
इसके साथ ही घायल युवक का उपचार, उसकी वर्तमान स्थिति और घटना के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच भी महत्वपूर्ण है। गिरफ्तारी पुलिस कार्रवाई का एक चरण है, जबकि पीड़ित को न्याय दिलाना पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य होना चाहिए।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल मोहन चौहान, कांस्टेबल छोटेलाल कनौजिया और कांस्टेबल विनोद मौर्य शामिल रहे।
मिशन संदेश की नजर: अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है, लेकिन जांच को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाना और पीड़ित को न्याय दिलाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए हिंसक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है।

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