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| Photo Mission Sandesh |
Report- Dharmendra Kumar, edited by-Mohammad Sayeed Pathan
संतकबीरनगर। चूरेब-भाटपार मार्ग की बदहाली दूर होने की उम्मीद लगाए बैठे स्थानीय लोगों की परेशानी अब भी बरकरार है। कई वर्षों से जर्जर सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण राहगीरों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे इंतजार के बाद जब सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ, तो लोगों को लगा कि अब समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। लेकिन सड़क पर गिट्टी डालकर करीब एक माह से निर्माण कार्य बंद पड़े रहने के कारण लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
सवाल यह है कि जब सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, तो काम को बीच में रोकने की नौबत क्यों आई? क्या निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है, कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा है, अथवा कार्यदायी संस्था की ओर से लापरवाही बरती जा रही है? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को देना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
गिट्टी डालकर छोड़ी सड़क, परेशानी जस की तस
स्थानीय लोगों के मुताबिक, चूरेब-भाटपार मार्ग की हालत लंबे समय से खराब है। सड़क पर बने गड्ढों के कारण राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती रही है। ऐसे में निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी थी। लेकिन गिट्टी डालने के बाद काम आगे नहीं बढ़ने से सड़क अधूरी पड़ी है और लोगों को अब भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण कार्य बीच में रुकने से लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर सड़क को पूरा करने की समय-सीमा क्या तय की गई थी? यदि निर्माण कार्य के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित थी, तो उसका पालन क्यों नहीं हो रहा है? संबंधित विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि काम कब तक दोबारा शुरू होगा और सड़क का निर्माण कब तक पूरा कराया जाएगा।
क्षेत्रीय विधायक से भी जनता का सवाल
सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए यदि लोगों को वर्षों तक इंतजार करना पड़े और निर्माण शुरू होने के बाद भी राहत न मिले, तो जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है। क्षेत्रीय विधायक से स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि वे इस मामले में संबंधित विभाग से जानकारी लेकर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराएं।
क्या क्षेत्रीय विधायक इस बदहाल मार्ग का मामला संबंधित अधिकारियों के सामने उठाकर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की पहल करेंगे? क्या जनप्रतिनिधि मौके की स्थिति का जायजा लेकर यह सुनिश्चित कराएंगे कि सड़क निर्माण केवल गिट्टी डालने तक सीमित न रह जाए? जनता को आश्वासन से अधिक ठोस कार्रवाई और समयबद्ध समाधान की जरूरत है।
संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था जवाब दें
सड़क निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहे विभाग और कार्यदायी संस्था को भी स्पष्ट करना चाहिए कि करीब एक माह से काम बंद क्यों है। क्या निर्माण कार्य में धन की कमी, सामग्री की अनुपलब्धता, तकनीकी समस्या या किसी अन्य कारण से बाधा आई है? यदि कोई समस्या है, तो उसे दूर करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं?
स्थानीय लोगों को यह जानने का अधिकार है कि उनके आवागमन से जुड़ी समस्या का समाधान कब होगा। संबंधित विभाग को निर्माण कार्य की प्रगति, निर्धारित समय-सीमा और देरी के कारणों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि जवाबदेही तय हो सके।
ग्रामीणों ने जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग की
दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, हनुमान शुक्ला, हरिशंकर शुक्ला, उमाशंकर शुक्ला, रमेश चंद्र पांडेय, राम प्रकाश मिश्रा, विजय विश्वकर्मा, श्रीराम अग्रहरी, हरिचरन यादव, गंगाराम गुप्ता सहित अन्य लोगों ने चूरेब-भाटपार मार्ग का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराकर पूरा कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली को देखते हुए निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। लंबे समय से परेशानी झेल रहे ग्रामीण अब सड़क को जल्द तैयार होते देखना चाहते हैं।
अब जवाबदेही की बारी
चूरेब-भाटपार मार्ग की मौजूदा स्थिति ने निर्माण कार्य की निगरानी और समयबद्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, निर्माण कार्य रुकने का वास्तविक कारण संबंधित विभाग के स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ऐसे में जरूरी है कि अधिकारी मौके की स्थिति की समीक्षा करें और काम बंद होने की वजह सार्वजनिक करें।
सबसे बड़ा सवाल यही है—चूरेब-भाटपार मार्ग की सूरत आखिर कब बदलेगी? क्षेत्रीय विधायक, संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था क्या इस समस्या को प्राथमिकता देकर सड़क निर्माण पूरा कराने की जिम्मेदारी निभाएंगे, या ग्रामीणों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा? अब लोगों की निगाहें जिम्मेदारों की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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