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जनगणना 2027: खलीलाबाद में 550 प्रगणकों और सुपरवाइजरों को दिया गया प्रशिक्षण

जनगणना 2027-खलीलाबाद में प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण 


Report by- Mohammad Sayeed Pathan 

संतकबीरनगर । भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के तहत खलीलाबाद में प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण लगातार दूसरे दिन जारी रहा। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी सत्य प्रकाश के मार्गदर्शन में प्रभा देवी डिग्री कॉलेज, खलीलाबाद में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों और नगर पालिका क्षेत्र के कुल 550 प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया।

प्राप्त सूचना के अनुसार, तहसील खलीलाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों से 450 तथा नगर पालिका खलीलाबाद से 100 प्रगणकों और सुपरवाइजरों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। जनगणना जैसे व्यापक प्रशासनिक कार्य में इन कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उनके द्वारा जुटाई जाने वाली सूचनाओं की शुद्धता और विश्वसनीयता का सीधा संबंध जनगणना के परिणामों से होता है।

प्रशिक्षण के साथ जवाबदेही भी जरूरी

जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आबादी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने का राष्ट्रीय कार्य है। ऐसे में प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देना आवश्यक है। लेकिन प्रशिक्षण की सफलता का वास्तविक आकलन केवल कार्यक्रम आयोजित होने या कर्मचारियों की संख्या गिनने से नहीं, बल्कि उनके कामकाज में शुद्धता, निर्धारित प्रक्रिया के पालन और समयबद्ध कार्य निष्पादन से होगा।

यह भी महत्वपूर्ण है कि प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को जनगणना से जुड़े नियमों, सूचनाओं के सही संकलन, संभावित कठिनाइयों और उनके समाधान के बारे में कितना व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध विभागीय सूचना में प्रशिक्षण के विषयवार विवरण या कर्मचारियों के मूल्यांकन की जानकारी नहीं दी गई है।

अधिकारियों की मौजूदगी में चला कार्यक्रम

प्रशिक्षण सत्र के दौरान उप जिलाधिकारी खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, तहसीलदार अनुराग यादव, राजस्व निरीक्षक संजय मिश्रा, नगर पालिका खलीलाबाद के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी, प्रगणक और सुपरवाइजर उपस्थित रहे।

अब प्रशिक्षण को धरातल पर उतारने की चुनौती

जनगणना की प्रक्रिया में छोटी-सी त्रुटि भी आंकड़ों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए प्रशासन के सामने चुनौती केवल प्रशिक्षण पूरा कराने की नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी है कि प्रत्येक प्रगणक और सुपरवाइजर अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी के साथ कार्य करे।

अब सवाल यह है कि प्रशिक्षण के बाद कर्मियों की कार्यक्षमता की निगरानी किस तरह की जाएगी? यदि किसी क्षेत्र में जानकारी जुटाने के दौरान कठिनाई आती है, तो उसके समाधान के लिए क्या व्यवस्था होगी? साथ ही, जनगणना की प्रक्रिया में पारदर्शिता और आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से क्या निगरानी तंत्र अपनाया जाएगा?

इन बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी मिलने से जनगणना की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्था की स्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा। फिलहाल, खलीलाबाद में लगातार दूसरे दिन आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को जनगणना 2027 की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्रोत: जिला सूचना कार्यालय, संतकबीरनगर।

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