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मुम्बई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर हजारों की भीड़ जुटाने का आरोपी गिरफ्तार-:मुम्बई पुलिस


मुंबई. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) का हर दूसरा मरीज महाराष्ट्र से है. यहां कोविड-19 संक्रमितों की संख्या 2000 पार कर गई है. हालांकि, मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को उस दौरान अफरा-तफरी मच गई, जब लॉकडाउन को लेकर फैले एक अफवाह के बाद भारी तादाद में प्रवासी मजदूर इकट्ठा हो गए. बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश से काम की तलाश में मुंबई आए ये मजदूर अपने घर जाना चाहते थे. इस पूरे मामले में विनय दुबे नाम के एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. लॉकडाउन के बीच विनय दुबे पर भीड़ को गुमराह करने का आरोप है.


 


नवी पुलिस ने बुधवार को विनय दुबे को गिरफ्तार किया और मुंबई पुलिस को सौंप दिया. विनय दुबे 'चलो घर की ओर' कैंपेन चला रहा था. अपने फेसबुक और ट्विटर पर लॉकडाउन को लेकर चेतावनी भरी पोस्ट भी लिखी थी. पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 117, 153 ए, 188, 269, 270, 505(2) और एपिडेमिक एक्ट की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.


बांद्रा रेलवे स्टेशन पर भीड़ जुटने के मामले में अब तक तीन एफआईआर दर्ज हुई है. पहली एफआईआर 1000 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई है. दूसरी प्रवासी मजदूरों को गुमराह करने और भड़काने के मामले में विनय दुबे नामके शख्स पर दर्ज की गई है. वहीं, तीसरा केस एक रिपोर्टर के खिलाफ दर्ज हुआ है.


आइए जानते हैं पुलिस के अनुसार क्या है पूरा मामला और विनय दुबे ने कैसे मजदूरों को किया गुमराह:-


विनय दुबे ने अपने ट्विटर प्रोफाइल पर खुद को एंटरप्रेन्योर और सोशल एक्टिविस्ट बताया है. उसने लिखा है कि वो किसी भी पॉलिटिकल पार्टी से नहीं है और इसलिए किसी के खिलाफ भी बोलने के लिए आजाद है. ट्विटर पर विनय दुबे के 4812 फॉलोअर्स हैं, जबकि वह सिर्फ एक ऑर्गनाइजेशन को फॉलो करता है.


विनय दुबे के सोशल मीडिया अकाउंट से मजदूरों से संबंधित कई पोस्ट किए गए हैं. उसने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो पोस्ट करके महाराष्ट्र सरकार से मांग की थी कि सरकार प्रवासी मजदूरों के लौटने का इंतजाम करे. इस वीडियो में विनय दुबे की आवाज भी सुनी जा सकती है. वीडियो में वह कहता है कि 18 अप्रैल तक अगर ट्रेनें नहीं चलाई गईं, तो मजदूर इसका विरोध करेंगे. इसके अलावा विनय दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार को लेकर कई आपत्तिजनक पोस्ट भी किए हैं.


विनय दुबे का एक और पोस्ट चर्चा में है. 11 अप्रैल को किए गए इस पोस्ट में लिखा है- 'महाराष्ट्र में फंसे उत्तर भारत के मजदूरों को उनके गांव और घर जरूर पहुंचाऊंगा. भले ही इस काम के लिए सरकार मुझे जेल में डाल दे.'


पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया मैसेज के चलते ही अफवाह फैली. इसके बाद भारी संख्या में कामगार बांद्रा रेलवे स्टेशन पर जमा हो गए. इनमें से ज्यादातर बिहार, बंगाल और यूपी के थे.



मंगलवार की शाम क्या हुआ था?
मंगलवार को भारी तादाद में प्रवासी मजदूर बांद्रा रेलवे स्टेशन आ गए थे. ट्रेनें नहीं चलने के कारण उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया था. पुलिस ने जब उन्हें बताया कि ट्रेनें नहीं चलेंगी, क्योंकि लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया है. इसके बाद भी मजदूर नहीं मानें, वो हंगामा करने लगे. कुछ मजदूरों ने खाने की शिकायत भी की. जिसके बाद राशन से भरा ट्रक बुलाया गया और मजदूरों में बांटे गए. इसके बाद 50 खाने के पैकेट भी मजूदरों में बांटे गए. इसके बाद भी जब कामगार वहां से नहीं गए, तब पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा.


अमित शाह ने उद्धव ठाकरे को किया फोन
इस घटना पर गृह मंत्री अमित शाह ने चिंता जाहिर की. उन्होंने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की. शाह ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के बीच ये ठीक नहीं है. वहीं, उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार इन मजदूरों का इंतजाम करेगी. उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है.


 


Sabhar news18


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