(By Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
संतकबीरनगर। साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना पीड़ित के लिए कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, इसका एक उदाहरण थाना बखिरा क्षेत्र में सामने आया है। पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी की शिकार एक महिला की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उसके खाते से ठगी गई 5,000 रुपये की धनराशि वापस कराई गई है।
पुलिस के मुताबिक, बखिरा थाना क्षेत्र के ग्राम भगवानपुर निवासी अन्तिमा को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया और कथित रूप से धोखाधड़ी के माध्यम से उनके खाते से धनराशि स्थानांतरित करा ली। घटना की जानकारी होने के बाद पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद थाना बखिरा की साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात महिला आरक्षी सुमन कुमारी ने शिकायत दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस का कहना है कि साइबर सेल की पैरवी और लगातार प्रयासों के बाद पीड़िता के खाते में 5,000 रुपये वापस कराए गए।
साइबर ठगी में समय ही सबसे महत्वपूर्ण कड़ी
इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ठगी का पता चलने के बाद पीड़िता ने 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर अपराध में रकम अलग-अलग खातों या डिजिटल माध्यमों से आगे ट्रांसफर होने की संभावना रहती है। ऐसे में देरी होने पर धनराशि की रिकवरी और अधिक मुश्किल हो सकती है।
हालांकि, एक मामले में रकम वापस आ जाना यह संकेत नहीं देता कि साइबर ठगी की समस्या का समाधान आसान है। लगातार बढ़ते ऑनलाइन लेन-देन के बीच जागरूकता, बैंकिंग सुरक्षा और घटना के तुरंत बाद रिपोर्टिंग को लेकर लोगों की सतर्कता उतनी ही जरूरी है।
पुलिस की कार्रवाई के साथ जागरूकता भी जरूरी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के फोन, लिंक या संदेश पर बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड अथवा यूपीआई पिन साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति रिश्तेदार या परिचित बनकर तत्काल पैसे भेजने का दबाव बनाए तो भुगतान से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी कई बार आवाज बदलने, पहचान छिपाने या भावनात्मक दबाव बनाने जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। इसलिए संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन की स्थिति में बिना देरी 1930 पर शिकायत करना महत्वपूर्ण है। शिकायत cybercrime.gov.in के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती है।
इनकी रही भूमिका
कार्रवाई में थानाध्यक्ष दिलीप कुमार सिंह, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक राजेश कुमार, आरक्षी चन्द्रभान सिंह, महिला आरक्षी सुमन कुमारी और महिला आरक्षी अवन्तिका शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार, धनराशि वापस मिलने के बाद पीड़िता और उनके परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई के प्रति आभार जताया।

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