विकास योजनाओं की समीक्षा कर परखी जमीनी हकीकत, पंचायत भवनों और अंत्येष्टि स्थल का किया निरीक्षण
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की सराहना, अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश
(Report and edit by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पंचायत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आजमगढ़ मंडल के उप निदेशक (पंचायत) अभय कुमार शाही ने मंगलवार को संतकबीरनगर का दौरा कर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। विकास भवन में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने विभिन्न ग्राम पंचायतों का स्थलीय निरीक्षण किया, विकास कार्यों की गुणवत्ता परखी और अधूरे कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
शासन के निर्देश पर उप निदेशक (पंचायत) ने विकास भवन में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कंसल्टेंट एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में पंचायतों में संचालित विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
इसके बाद उन्होंने विकास खंड खलीलाबाद की ग्राम पंचायत नेहिया खुर्द बुजुर्ग का निरीक्षण किया। यहां पंचायत भवन, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) तथा रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC) की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान खेल मैदान परिसर में हरिशंकरी पौध का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण, हरित ग्राम और जनभागीदारी का संदेश दिया।
इसके उपरांत उप निदेशक ने विकास खंड सेमरियावां की ग्राम पंचायत टेमारहमत में अंत्येष्टि स्थल का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। दौरे के अंतिम चरण में उन्होंने ग्राम पंचायत चांगेरा मगेरा में पंचायत भवन का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की सराहना की। साथ ही अंत्येष्टि स्थल पर इंटरलॉकिंग मार्ग एवं बाउंड्री वॉल का निर्माण शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायत स्तर पर संचालित सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
समीक्षा
उप निदेशक (पंचायत) का यह दौरा केवल विभागीय समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने का प्रयास भी रहा। पंचायत भवन, सीएससी, रिसोर्स रिकवरी सेंटर और अंत्येष्टि स्थलों के निरीक्षण के साथ पौधारोपण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि ग्रामीण विकास अब केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी विकास प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है। यदि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता और जनविश्वास दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।


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