- संगठन को मजबूत बनाने और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने पर जोर,
Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan
संतकबीरनगर। जमीयत उलमा-ए-हिन्द, जनपद संतकबीरनगर की ओर से गुरुवार को जामिया इस्लामिया दारुल उलूम, खलीलाबाद में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। सुबह 8 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पदाधिकारियों, उलेमा-ए-किराम और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यशाला में संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता, शिक्षा और मानव सेवा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला का उद्देश्य संगठनात्मक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाना, जिम्मेदार पदाधिकारियों में नेतृत्व क्षमता का विकास करना तथा समाज में संविधान के प्रति जागरूकता, भाईचारा और सेवा भावना को बढ़ावा देना रहा। इस दौरान संगठन की कार्यप्रणाली, वर्तमान सामाजिक चुनौतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव मौलाना मोहम्मद शाहिद कासमी ने किया, जबकि अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मुफ्ती वसीम अहमद कासमी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्वी उत्तर प्रदेश के सद्र मौलाना हाफिज अब्दुल हई मिफ्ताही तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जमीयत उलमा-ए-हिन्द उत्तर प्रदेश के महासचिव मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्लाह कासमी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिन्द का उद्देश्य केवल धार्मिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, मानव सेवा, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी संगठन निरंतर कार्य करता रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी विश्वास को मजबूत करना ही सच्चे राष्ट्रनिर्माण की आधारशिला है। भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब का उल्लेख करते हुए उन्होंने सभी धर्मों के सम्मान, आपसी सहयोग और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की।
वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे समाज में नफरत नहीं, बल्कि प्रेम, संवाद और सकारात्मक सोच का संदेश लेकर जाएं तथा जरूरतमंद और वंचित वर्ग की सेवा को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक जमीयत उलमा-ए-हिन्द शिक्षा, आपदा राहत, सामाजिक सेवा और राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।
प्रशिक्षण सत्र में संगठनात्मक अनुशासन, जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन, आपसी समन्वय, नेतृत्व विकास और भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सामाजिक सद्भाव, मानव सेवा, राष्ट्र निर्माण, संविधान के प्रति निष्ठा और सभी धर्मों के सम्मान की भावना को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुफ्ती अब्दुल वाहिद, मुफ्ती अफरोज, मुफ्ती मुस्तकीम, मुफ्ती असादुल्लाह, मौलाना महमूदुर्रहमान, मुफ्ती नजमुल होदा, मौलाना अजहर, मौलाना नियाज़, मुफ्ती मिन्हाजुल इस्लाम, मौलाना अनस, मौलाना रहमतुल्लाह, मौलाना अरशद, मौलाना ओसामा, अखलाक अहमद, इकबाल अहमद अलीग सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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