Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan
संतकबीरनगर। बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से साइबर क्राइम थाना संतकबीरनगर की ओर से गुरुवार को जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अध्यापकों को ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीकों से सावधान रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम अमित कुमार के पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन साइबर थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे एवं उनकी टीम ने किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों ने अज्ञात कॉल, फर्जी लिंक, ई-मेल, लॉटरी ऑफर, क्यूआर कोड स्कैन, फेक क्रेडिट, वर्क फ्रॉम होम, पुलिस इम्परसोनेशन, एपीके (APK) फाइल और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के तरीकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या अन्य प्रलोभन देकर लोगों को कॉन्फ्रेंस कॉल में जोड़ते हैं और फिर बैंकिंग व व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते हैं।
अध्यापकों को ओटीपी साझा न करने, सोशल मीडिया पर सतर्क रहने, यूपीआई एवं बैंकिंग लेनदेन में सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी गई। साथ ही बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करे या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि को सुरक्षित कराया जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा उनके माध्यम से समाज में साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाना रहा।
इस अवसर पर उपनिरीक्षक जयप्रकाश यादव, मुख्य आरक्षी अमृता सिंह, आरक्षी राघवेन्द्र सिंह, महिला आरक्षी प्रतीची शुक्ला सहित साइबर थाना के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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