(Report and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत महिला एवं बाल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए थाना धनघटा पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई को महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति अभियान की गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत थाना धनघटा पुलिस ने मुकदमा संख्या 438/2026, धारा 87 एवं 137(2) बीएनएस से संबंधित वांछित अभियुक्त मोनू पुत्र भालचंद, निवासी ग्राम भैसाखूट, थाना धनघटा को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां ने 21 जून 2026 को थाना धनघटा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री को आरोपी बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित विवेचना करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक कमलेश यादव, महिला मुख्य आरक्षी पूनम राव और कांस्टेबल बृजेश कुमार की प्रमुख भूमिका रही।
हमारी समीक्षात्मक दृष्टि
मिशन शक्ति अभियान के तहत नाबालिगों और महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई निश्चित रूप से सकारात्मक संकेत है। हालांकि, केवल गिरफ्तारी तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग, कानूनी सहायता और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ समाज में जागरूकता और बाल सुरक्षा के प्रति सतत अभियान चलाए जाएं, तभी मिशन शक्ति का उद्देश्य पूरी तरह सार्थक हो सकेगा।

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