(Report- and edited by-Mohammad Sayeed Pathan)
संतकबीरनगर। जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में संतकबीरनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली खलीलाबाद पुलिस, एसओजी और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने एनएच-27 पर मगहर पुलिस चौकी के पास एक अशोका लीलैंड डीसीएम से 167.710 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया। पुलिस ने मौके से पंजाब के लुधियाना निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गांजे की खेप को टीशू पेपर के बंडलों के बीच छिपाकर उड़ीसा से पंजाब ले जा रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंचल सिंह पुत्र टरसेम सिंह निवासी आदर्श नगर, लुधियाना और राहुल पुत्र उमेश कुमार निवासी बाबा जीवन सिंह नगर, लुधियाना के रूप में हुई है। चंचल सिंह मजदूरी करता है, जबकि राहुल वाहन चालक बताया गया है।
चेकिंग के दौरान खुला तस्करी का राज
पुलिस के अनुसार, 12 अगस्त की रात मगहर चौकी के पास एनएच-27 पर गोरखपुर की ओर से आने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक डीसीएम को रोककर तलाशी ली। वाहन में चालक समेत दो लोग सवार थे। पूछताछ में उन्होंने डीसीएम में टीशू पेपर लदा होने की बात कही।
संदेह होने पर पुलिस ने जब गहनता से पूछताछ और तलाशी ली तो टीशू पेपर के बंडलों के बीच सात बोरियों में छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
उड़ीसा से पंजाब तक फैला नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे उड़ीसा से गांजा लेकर पंजाब जाते थे और वहां ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेचते थे। पुलिस अब उनके कथित सप्लाई नेटवर्क, उड़ीसा में गांजा उपलब्ध कराने वाले लोगों और पंजाब में खरीदारों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
आरोपियों ने कथित तौर पर यह भी बताया कि श्रावण माह में प्रयागराज की ओर कांवड़ियों की आवाजाही और विभिन्न स्थानों पर पुलिस चेकिंग को देखते हुए उन्होंने प्रयागराज मार्ग के बजाय बनारस-गोरखपुर होकर पंजाब जाने का रास्ता चुना था। हालांकि, पुलिस ने रास्ते में की जा रही चेकिंग के दौरान उन्हें पकड़ लिया।
एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज
बरामदगी के आधार पर कोतवाली खलीलाबाद थाने में मु0अ0सं0 746/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का प्राथमिक स्तर पर कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। संबंधित जिलों से समन्वय कर उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने गांजे के अलावा तस्करी में प्रयुक्त डीसीएम, तीन मोबाइल फोन, एक पर्स, पांच ड्राइविंग लाइसेंस, एक एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड और 500 रुपये नकद बरामद किए हैं। वाहन के आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर डीसीएम को धारा 207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल भी अहम
167 किलो से अधिक गांजे की बरामदगी यह संकेत देती है कि मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के लिए तस्कर अब सामान्य मालवाहक वाहनों और माल की आड़ का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में केवल खेप पकड़ना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पुलिस के सामने इस नेटवर्क की सप्लाई चेन, फाइनेंसर, स्थानीय संपर्क और अंतिम खरीदारों तक पहुंचने की चुनौती भी है। यदि पूछताछ से जुड़े सभी कड़ियों को जोड़कर कार्रवाई की जाती है तो यह बरामदगी किसी बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंचने का आधार बन सकती है।
पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार
कार्रवाई में कोतवाली खलीलाबाद पुलिस, एसओजी और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना ने गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस की यह कार्रवाई जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब निगाह इस बात पर है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में इस कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम और तस्करी के रास्तों के बारे में क्या जानकारी सामने आती है।

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