Report- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh Hindi News Paper
संतकबीरनगर । प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को लेकर मंगलवार को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मासिक मानदेय ₹8 हजार से बढ़ाकर ₹12 हजार तथा सहायिकाओं का मानदेय ₹4 हजार से बढ़ाकर ₹6 हजार करने की घोषणा की। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को साड़ी के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि, प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकत्री को स्मार्टफोन तथा कैशलेस चिकित्सा सुविधा से जोड़ने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं को आंगनबाड़ी व्यवस्था से जुड़े हजारों कार्यकर्ताओं के लिए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासतौर पर मानदेय में वृद्धि लंबे समय से सीमित पारिश्रमिक पर काम कर रही कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए राहत का विषय है। हालांकि, इन घोषणाओं का वास्तविक प्रभाव उनके प्रभावी क्रियान्वयन, भुगतान की नियमितता और घोषित सुविधाओं के समयबद्ध लाभ पर निर्भर करेगा।
*मानदेय में ₹4 हजार तक की बढ़ोतरी*
अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹8,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह करने की घोषणा की। इसी तरह सहायिकाओं के मानदेय को ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 प्रतिमाह किया गया है।
यह वृद्धि आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत महिलाओं की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां केवल बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल शिक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी व लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में भी जमीनी स्तर पर भूमिका निभाती हैं।ऐसे में मानदेय में वृद्धि को उनके कार्य के बढ़ते दायरे के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
*स्मार्टफोन से डिजिटल व्यवस्था को मिलेगी गति*
सरकार की ओर से प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकत्री को स्मार्टफोन देने की घोषणा भी की गई है। आंगनबाड़ी सेवाओं में लगातार बढ़ रही डिजिटल मॉनिटरिंग, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और लाभार्थियों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान को देखते हुए यह सुविधा महत्वपूर्ण हो सकती है।
स्मार्टफोन उपलब्ध होने से कार्यकत्रियों को विभागीय डिजिटल कार्यों में सुविधा मिलने के साथ-साथ पोषण और बाल विकास से संबंधित सूचनाओं को समय पर अपडेट करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए नेटवर्क कनेक्टिविटी, तकनीकी प्रशिक्षण और उपकरणों के रखरखाव जैसी व्यावहारिक चुनौतियों पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।
*कैशलेस चिकित्सा सुविधा का ऐलान*
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को कैशलेस चिकित्सा योजना से आच्छादित किए जाने की घोषणा भी की। यह सुविधा उनके लिए सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
कम मानदेय और सीमित सामाजिक सुरक्षा के बीच स्वास्थ्य संबंधी खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बनता है। ऐसे में कैशलेस चिकित्सा सुविधा का प्रभावी क्रियान्वयन आंगनबाड़ी कर्मियों को उपचार के दौरान आर्थिक बोझ से राहत दे सकता है।
*साड़ी के लिए डीबीटी से धनराशि*
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को साड़ी के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि वितरित किए जाने की जानकारी भी दी गई। सरकार की ओर से इसे कार्यकत्रियों के सम्मान और सुविधाओं से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
इसके अलावा अयोध्या में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से चयनित नव नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। पोषण, शिक्षा और महिला कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और अधीक्षिकाओं के साथ मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
*संतकबीरनगर में देखा गया कार्यक्रम का लाइव प्रसारण*
मुख्यमंत्री के अयोध्या कार्यक्रम का सजीव प्रसारण संतकबीरनगर में भी किया गया। कलेक्ट्रेट सभागार खलीलाबाद में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत प्रशासक बलिराम यादव, जिलाधिकारी आलोक कुमार और मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं।
सभी ने अयोध्या में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा और घोषणाओं को सुना। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को सरकार की ओर से घोषित योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी भी दी गई।
इसके अतिरिक्त मेंहदावल तहसील में ब्लॉक सभागार तथा धनघटा तहसील क्षेत्र के हंसर बाजार ब्लॉक सभागार में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की अध्यक्षता में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की मौजूदगी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया।
*उत्कृष्ट कार्य करने वाली कार्यकत्रियों का सम्मान*
जनपद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ऐसे बच्चों के अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया, जो पहले एसएएम (गंभीर कुपोषण) श्रेणी में थे और अब सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं। बच्चों की बेहतर देखभाल के लिए उनके अभिभावकों को पुरस्कृत किया गया।
साथ ही संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। विभागीय योजनाओं के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
यह पहल इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का माध्यम मानने के बजाय बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सुधार के परिणामों से भी जोड़ा जा रहा है।
*डीएम ने जताया आभार, जमीनी स्तर पर जिम्मेदारी निभाने की अपील*
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मानदेय में वृद्धि, कैशलेस चिकित्सा सुविधा समेत अन्य घोषणाओं के लिए सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से घोषित सुविधाओं का लाभ जनपद की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मिलेगा। जिलाधिकारी ने कार्यकत्रियों से ग्रामीण स्तर पर पूरी लगन और निष्ठा के साथ काम करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को बेहतर बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
*घोषणाओं से बढ़ी उम्मीदें, अब क्रियान्वयन की बारी*
समीक्षात्मक दृष्टि से देखा जाए तो सरकार की एक साथ चार प्रमुख घोषणाएं—मानदेय वृद्धि, साड़ी के लिए डीबीटी, स्मार्टफोन और कैशलेस चिकित्सा सुविधा—आंगनबाड़ी व्यवस्था से जुड़ी महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण राहत का संदेश देती हैं। मानदेय में वृद्धि सीधे तौर पर उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेगी, जबकि स्मार्टफोन और कैशलेस चिकित्सा सुविधा उनके कामकाज और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत कर सकती है।
लेकिन इन घोषणाओं की सफलता केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। बढ़ा हुआ मानदेय समय पर मिले, स्मार्टफोन वास्तविक जरूरत के अनुरूप उपलब्ध हों, कैशलेस चिकित्सा सुविधा आसानी से इस्तेमाल की जा सके और डीबीटी की राशि बिना किसी बाधा के पात्र लाभार्थियों के खातों में पहुंचे—इन बिंदुओं पर प्रभावी निगरानी आवश्यक होगी।
क्योंकि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सरकार की पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की सबसे निचली लेकिन बेहद महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण का सीधा असर जमीनी स्तर पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं तक पहुंचने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चन्द्र, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं उपस्थित रहीं।


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