Report- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh Hindi News Paper
संतकबीरनगर । जल जीवन मिशन के तहत अभी तक योजना से वंचित बघौली विकासखंड के 12 राजस्व ग्रामों को अब ‘हर घर नल से जल’ योजना से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की बैठक में इन गांवों को योजना के दायरे में लाने के लिए तैयार ₹21.43 करोड़ के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद प्रस्ताव को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (SWSM), लखनऊ को स्वीकृति के लिए भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
12 गांवों को योजना में शामिल करने की तैयारी
जल जीवन मिशन के अंतर्गत बघौली विकासखंड में पूर्व में छूटे हुए 12 राजस्व ग्रामों को शामिल करने का प्रस्ताव DWSM की बैठक में रखा गया। प्रस्ताव में भैसँथ, दोढ़या, लोरीक बारी, हरापट्टी, हरदी, कुरियापार बेलहसा, कदमा, मदरहा, महला, चिलवानखोर और सुबरवनकोट समेत 12 राजस्व ग्रामों को योजना से आच्छादित किए जाने की बात कही गई।
प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में DWSM ने ₹21.43 करोड़ के DPR को प्रशासनिक स्वीकृति दी। इसके बाद अधिशासी अभियंता जल निगम महेन्द्र राम को आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रस्ताव राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय, लखनऊ को भेजने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक स्वीकृति के बाद अब राज्य स्तर पर अगला चरण
यहां यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि DWSM की प्रशासनिक स्वीकृति के बाद परियोजना का अगला चरण राज्य स्तर पर प्रस्ताव की स्वीकृति और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्यान्वयन से जुड़ा होगा। यानी इन गांवों में पाइपलाइन, जलस्रोत और अन्य संबंधित कार्य तत्काल शुरू होने के बजाय आगे की स्वीकृतियों और प्रक्रिया के पूरा होने के बाद जमीन पर उतरेंगे।
फिर भी जिला स्तर पर DPR को स्वीकृति मिलना इन गांवों को योजना में शामिल किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति है। परियोजना के अंतिम रूप से स्वीकृत और क्रियान्वित होने पर इन गांवों के ग्रामीण परिवारों को घर तक पाइपलाइन के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा सकेगी।
सिर्फ पानी पहुंचाना नहीं, सुरक्षित पानी सुनिश्चित करना चुनौती
जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल घरों तक पाइपलाइन पहुंचाना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना भी है। ऐसे में प्रस्तावित योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता के साथ कितना प्रभावी ढंग से पूरा होता है और परियोजना पूरी होने के बाद जलापूर्ति कितनी नियमित रहती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के सामने जलस्रोत की उपलब्धता, पाइपलाइन का रखरखाव, बिजली अथवा संचालन संबंधी समस्याएं और जल की गुणवत्ता जैसी चुनौतियां भी रहती हैं। इसलिए इन 12 गांवों में परियोजना के क्रियान्वयन के साथ-साथ भविष्य में रखरखाव और नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी होगा।
‘हर घर नल से जल’ की दिशा में बढ़ा एक और कदम
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि 12 छूटे हुए राजस्व ग्रामों को जल जीवन मिशन में शामिल किए जाने से वहां के ग्रामीण परिवारों को ‘हर घर नल से जल’ की सुविधा उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा। उन्होंने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल बताया।
ग्रामीण परिवारों के लिए घर के आसपास या घर के भीतर नल से पेयजल उपलब्ध होना केवल सुविधा का विषय नहीं है। इसका सीधा संबंध महिलाओं और बच्चों के समय की बचत, स्वच्छता, स्वास्थ्य तथा जीवन की गुणवत्ता से भी है। यदि परियोजना तय मानकों और समयसीमा के अनुरूप पूरी होती है, तो इन गांवों में इसका व्यापक सामाजिक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
DWSM बैठक में विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारियों ने भी सहभागिता की। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी हरिकेश यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, कृषि एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी, अधिशासी अभियंता भूगर्भ जल विभाग, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षात्मक रूप से देखें तो बघौली के 12 छूटे गांवों के लिए ₹21.43 करोड़ के DPR को प्रशासनिक स्वीकृति मिलना ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के विस्तार की दिशा में सकारात्मक कदम है। अब असली परीक्षा राज्य स्तर की स्वीकृति के बाद परियोजना को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से धरातल पर उतारने की होगी।

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